बस्तर के विस्थापित परिवारों के पुनर्वास हेतु कार्ययोजना तैयार, राज्य स्तरीय समिति की बैठक संपन्न
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के उन विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है, जो विभिन्न कारणों से संभाग के सीमावर्ती राज्यों तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश में प्रवासित हो गए हैं। मंत्रालय स्थित महानदी भवन में अपर मुख्य सचिव (गृह) मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में पुनर्वास हेतु गठित राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय समिति की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक में विस्थापित परिवारों के पुनर्वास संबंधी कार्ययोजना तैयार करने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में बताया गया कि दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर जिलों के लोग तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश में प्रवासित हो गए हैं। प्रवासित परिवारों की ओर से राष्ट्रीय जनजातीय आयोग में याचिका दायर की गई थी, जिसके तहत आयोग ने एक माह के भीतर सर्वे कर प्रवासित परिवारों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अनुपालन में बस्तर संभाग के संभागायुक्त ने दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर के कलेक्टरों को प्रवासित परिवारों का सर्वे कर 15 दिनों के भीतर प्रतिवेदन प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।
सर्वेक्षण के अनुसार, दंतेवाड़ा से तेलंगाना के 60 गांवों में 618 परिवारों के 2654 व्यक्ति, सुकमा से तेलंगाना के 293 गांवों में 2733 परिवारों के 12026 व्यक्ति तथा बीजापुर से तेलंगाना के 114 गांवों में 994 परिवारों के 5029 व्यक्ति प्रवासित हैं। इस प्रकार तीनों जिलों से तेलंगाना राज्य के कुल 467 गांवों में 4345 परिवारों के 19709 व्यक्ति प्रवासित हैं।
वहीं, दंतेवाड़ा से आंध्रप्रदेश के 25 गांवों में 125 परिवारों के 568 व्यक्ति, सुकमा से आंध्रप्रदेश के 155 गांवों में 2462 परिवारों के 10787 व्यक्ति तथा बीजापुर से आंध्रप्रदेश के चार गांवों में सात परिवारों के 34 व्यक्ति प्रवासित हैं। इस तरह तीनों जिलों से आंध्रप्रदेश के कुल 184 गांवों में 2594 परिवारों के 11389 व्यक्ति प्रवासित हैं। कुल मिलाकर दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर के 667 गांवों से तेलंगाना और आंध्रप्रदेश के 651 गांवों में 6939 परिवारों के 31098 व्यक्ति प्रवासित हैं।
अपर मुख्य सचिव पिंगुआ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के आयुक्त डोमन सिंह एवं पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज से चर्चा कर अन्य राज्यों में प्रवासित परिवारों की अधिक जानकारी के लिए सीमावर्ती राज्यों के अधिकारियों से संपर्क करने के निर्देश दिए। उन्होंने दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टरों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों से अन्य राज्यों में प्रवासित लोगों के मूल ग्राम एवं निवास स्थान से संबंधित आवश्यक जानकारी तैयार करें, जिससे पुनर्वास योजना बनाने में सुविधा होगी। विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे शीघ्र ही अपने-अपने विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त करें, ताकि पुनर्वास योजना तैयार करने में तेजी लाई जा सके।
