CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन फेलोशिप के युवा प्रतिभागियों से किया संवाद, बोले- युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच के प्रतिभागियों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं के सवालों के जवाब दिए और अपने छात्र जीवन, संघर्ष, पारिवारिक जिम्मेदारियों, जनसेवा तथा सार्वजनिक जीवन की यात्रा के अनुभव साझा किए।

मुख्यमंत्री ने युवा फेलो से कहा कि वे फेलोशिप का उपयोग केवल शासन की कार्यप्रणाली को समझने तक सीमित न रखें, बल्कि अपने ज्ञान, कौशल और नए विचारों के माध्यम से आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें।

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है। युवाओं के पास शिक्षा, ऊर्जा, प्रतिभा और नवीन विचारों की शक्ति है। जब इन क्षमताओं का उपयोग जनकल्याण और समाज की बेहतरी के लिए किया जाता है, तो बड़े बदलावों का रास्ता तैयार होता है।

उन्होंने कहा कि स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर परिश्रम और प्रत्येक जिम्मेदारी का निष्ठा एवं ईमानदारी से निर्वहन सफलता के साथ आत्मसंतुष्टि भी प्रदान करता है।

सुशासन, रोजगार और विकास पर युवाओं ने पूछे सवाल

संवाद के दौरान प्रतिभागियों ने मुख्यमंत्री से फेलोशिप को लेकर उनकी अपेक्षाओं, सुशासन, शिक्षा, रोजगार, निवेश, आधुनिक तकनीक और प्रदेश के विकास में युवाओं की भूमिका सहित कई विषयों पर प्रश्न किए। युवाओं ने मुख्यमंत्री के व्यक्तिगत जीवन और सार्वजनिक सेवा की यात्रा के बारे में भी जानना चाहा।

मुख्यमंत्री ने सभी सवालों के सहजता और आत्मीयता से जवाब दिए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आए युवाओं के लिए मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप सीखने, व्यावहारिक अनुभव हासिल करने और अपनी प्रतिभा को प्रदेश के विकास में लगाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

जिलों में काम करते समय स्थानीय जरूरतों को समझें युवा फेलो

मुख्यमंत्री साय ने युवा प्रतिभागियों को सलाह दी कि जिलों में काम करते समय स्थानीय परिस्थितियों और लोगों की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता दें। संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें और आंकड़ों, प्रमाणों तथा मैदानी अनुभव के आधार पर व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत करें।

उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार लाने और जनसेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है। युवा फेलो अपने नए विचारों और कार्यक्षमता से शासन-प्रशासन को बेहतर बनाने में योगदान दे सकते हैं।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में युवाओं का योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित प्रदेश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने युवा फेलो से अपनी क्षमताओं को लगातार निखारने, नए विचारों के साथ आगे आने और जनहित से जुड़े मुद्दों के व्यावहारिक समाधान खोजने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, देश और प्रदेश की विकास यात्रा को गति देने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

छात्र जीवन के संघर्ष को किया याद, शिक्षा को बताया विकास का मूल मंत्र

अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने बताया कि उनके समय में ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षणिक सुविधाएं सीमित थीं। उन्हें अपने गांव बगिया से लगभग छह किलोमीटर दूर दूसरे गांव के विद्यालय में पांचवीं की बोर्ड परीक्षा देने जाना पड़ा था। उस समय स्कूलों के भवन कच्चे होते थे और विद्यार्थियों को बैठने के लिए घर से चटाई या जूट का बोरा लेकर जाना पड़ता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार हुआ है। प्रदेश में आईआईएम, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, एम्स और विधि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश और मध्यान्ह भोजन जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।

उन्होंने प्रयास आवासीय विद्यालयों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके माध्यम से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिल रहा है। इसके साथ ही दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए निःशुल्क आवास और भोजन की व्यवस्था तथा पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता जैसी पहलें भी की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा से प्राप्त ज्ञान और अनुभव का उपयोग समाज एवं प्रदेश की उन्नति के लिए करें और जनसेवा की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

About The Author