CG News: साइबर जागरूकता को जनआंदोलन बनाना होगा, 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा सुरक्षा का संदेश: CM विष्णु देव साय
रायपुर। डिजिटल युग में साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता, सतर्कता और जनभागीदारी बेहद जरूरी है। साइबर सुरक्षा केवल शासन और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है। साइबर जागरूकता को जनआंदोलन का रूप देकर ही साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों से सुरक्षित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यह बात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित ‘साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन-2026’ के अभिनंदन समारोह में कही।
डिजिटल सुविधाओं के साथ साइबर सुरक्षा भी जरूरी

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया ने देश में व्यापक बदलाव किए हैं। आज गांवों में रहने वाले आम नागरिक भी मोबाइल के माध्यम से डिजिटल भुगतान कर रहे हैं और तकनीक के जरिए देश-दुनिया से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। कई बार तकनीकी जानकारी रखने वाले लोग भी साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को साइबर अपराध के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी होना जरूरी है।
सात सप्ताह में 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए गए सात सप्ताह के साइबर जागृति अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से शहरों से लेकर गांवों तक साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
अभियान के दौरान विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, स्कूलों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। मुख्यमंत्री के संबोधन के अनुसार, इस दौरान 5 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, 5 लाख से अधिक सेल्फी के माध्यम से लोगों की सहभागिता दर्ज की गई और लगभग 1 करोड़ 70 लाख लोगों तक साइबर अपराधों से बचाव का संदेश पहुंचाया गया।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी बताती है कि साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार और नागरिक से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।
अभियान का समापन नहीं, नई शुरुआत
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि साइबर जागृति अभियान को किसी निश्चित अवधि तक सीमित नहीं रखा जा सकता। सात सप्ताह का विशेष अभियान भले ही पूरा हो गया हो, लेकिन साइबर जागरूकता की मुहिम लगातार जारी रहनी चाहिए।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ऑनलाइन लेन-देन करते समय सतर्क रहें, अनजान लिंक पर क्लिक न करें, OTP और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें तथा संदिग्ध कॉल और संदेशों से सावधान रहें।
जनभागीदारी से सुरक्षित होगा डिजिटल छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस, प्रशासन और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। परिवारों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
साइबर जागरूकता को निरंतर जनभागीदारी से जोड़कर ही डिजिटल अपराधों के प्रति सजग समाज का निर्माण किया जा सकता है।
