Kharge News: खरगे ने लोकसभा और सभी विधानसभाएं भंग करने की मांग की, बैलेट पेपर से नए चुनाव कराने की अपील
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं को भंग कर नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की। कर्नाटक में पत्रकारों से बातचीत के दौरान खरगे ने देश में हुए चुनावों की वैधता पर सवाल उठाते हुए EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई।
खरगे ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर भी केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर कई आरोप लगाए। उनके इन दावों को कांग्रेस और विपक्ष की ओर से उठाई जा रही चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी आपत्तियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
खरगे बोले- नए चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं
खरगे ने कहा कि उनके अनुसार देश में मौजूदा चुनावी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने लोकसभा और सभी विधानसभा सदनों को भंग कर नए चुनाव कराने तथा इन चुनावों में EVM के बजाय बैलेट पेपर का इस्तेमाल करने की मांग की।
INDIA गठबंधन की 30 सितंबर की बैठक के बाद भी विपक्षी दलों ने बैलेट पेपर से मतदान की मांग को अपने प्रमुख मुद्दों में शामिल किया था।
EVM के इस्तेमाल पर लगाए आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने EVM के कथित गलत इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उनके अनुसार पार्टी के कुछ लोगों की ओर से भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
हालांकि, EVM को लेकर लगाए गए राजनीतिक आरोपों और चुनावी प्रक्रिया की वैधता संबंधी दावों को संबंधित संवैधानिक संस्थाओं के आधिकारिक रिकॉर्ड और जांच के संदर्भ में देखा जाना आवश्यक है।
SIR को लेकर भी चुनाव आयोग पर निशाना
खरगे ने मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि SIR प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां हैं और इसका असर गरीब, मजदूर, कम पढ़े-लिखे तथा वंचित वर्गों पर पड़ सकता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी मतदान केंद्र की मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटते हैं तो चुनाव की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया में छूटे पात्र मतदाताओं को फिर से सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष अभियान के तहत पात्र मतदाताओं को दोबारा नामांकन का अवसर देने की व्यवस्था की गई है।
INDIA गठबंधन ने ‘Save Democracy’ कार्यक्रम का किया ऐलान
खरगे ने बताया कि 30 सितंबर को हुई INDIA गठबंधन की बैठक में विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने चुनावी प्रक्रिया और SIR को लेकर चर्चा की थी।
गठबंधन ने 2 से 8 अक्टूबर तक ‘Save Democracy March’ आयोजित करने और 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग तक मार्च का कार्यक्रम घोषित किया है।
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून पर सवाल
खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कानून की धारा 16 का उल्लेख करते हुए चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक कार्यों से संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई से मिली सुरक्षा पर आपत्ति जताई।
इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका लंबित होने की जानकारी सामने आई है।
चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों को लेकर भी उठाए सवाल
खरगे ने चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों और चुनाव आयुक्तों की ओर से भेजे गए पत्रों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि आयोग के सदस्यों की ओर से उठाई गई कुछ आपत्तियों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई।
वहीं, चुनाव आयोग की ओर से ऐसी आंतरिक चर्चाओं को संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है।
6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च
खरगे ने कहा कि विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च करेंगे। इसके अलावा INDIA गठबंधन ने देशभर में लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर अभियान चलाने की बात कही है।
इस बीच SIR को लेकर विभिन्न राज्यों में राजनीतिक विवाद जारी है। कर्नाटक में मतदाता नाम हटाने के लिए कथित तौर पर बड़ी संख्या में Form-7 आवेदन दिए जाने को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बैलेट पेपर की मांग फिर दोहराई
खरगे ने कहा कि विपक्ष मतदाताओं के बीच चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर जागरूकता अभियान चलाएगा। उन्होंने एक बार फिर बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराने की मांग दोहराई।
उनके बयान ऐसे समय आए हैं जब SIR, EVM और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष और निर्वाचन संस्थाओं के बीच सार्वजनिक बहस तेज है।
