MP News: CM मोहन यादव ने IISER भोपाल के ‘अत्रि’ परिसर का किया शिलान्यास, 52 एकड़ में होगा अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) भोपाल के विस्तारित परिसर ‘अत्रि’ (Advanced Technology and Research Innovation) का शिलान्यास किया। करीब 52 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाला यह नया परिसर अनुसंधान, नवाचार, आधुनिक शिक्षा और कौशल विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से तैयार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार भी इसी दिशा में प्रदेश में शोध एवं नवाचार की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए काम कर रही है।

₹485 करोड़ की लागत से विकसित होगा नया परिसर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि IISER भोपाल को ₹485 करोड़ की लागत से नया कैंपस, आधुनिक प्रयोगशालाएं और इनोवेशन पार्क की सौगात मिली है।

शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चिन्हित भूमि पर शिलापट्ट का अनावरण कर निर्माण कार्य की शुरुआत की। उन्होंने परिसर में बरगद और पीपल के पौधे भी लगाए।

इसके बाद IISER के मुख्य परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण किया और पुष्प अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों तथा अनुसंधान गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

उभरती तकनीकों पर होगा अत्याधुनिक अनुसंधान

‘अत्रि’ परिसर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के राष्ट्रीय महत्व वाले उभरते क्षेत्रों पर विशेष रूप से काम किया जाएगा। प्रस्तावित प्रमुख क्षेत्र हैं—

  • क्वांटम एवं एडवांस्ड मैटेरियल
  • ड्रोन टेक्नोलॉजी
  • सस्टेनेबल सिस्टम एवं टेक्नोलॉजी
  • मेडिकल डिवाइसेस एवं डायग्नोस्टिक्स
  • AI एवं रोबोटिक्स

इन पांच टेक्नोलॉजी वर्टिकल के माध्यम से शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को अत्याधुनिक तकनीकों पर काम करने तथा उनके व्यावहारिक उपयोग विकसित करने के अवसर मिलेंगे।

रिसर्च, इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट को मिलेगा बढ़ावा

विस्तारित परिसर में नई तकनीकों के विकास के साथ-साथ उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग पर भी जोर दिया जाएगा। इससे विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

नए परिसर को उभरती प्रौद्योगिकियों पर शोध करने वाले विद्यार्थियों और वैज्ञानिकों के लिए आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।

CM बोले- शोध और नवाचार को लगातार प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में प्राचीन काल से ही शोध और ज्ञान की परंपरा रही है। उनके अनुसार, आधुनिक विज्ञान के दौर में IISER जैसे संस्थान इस परंपरा को नए रूप में आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा के बीच संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को मानव कल्याण के लिए शोध और नवाचार के माध्यम से आगे बढ़ना चाहिए।

IISER परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण

कार्यक्रम के दौरान IISER भोपाल परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का भी अनावरण किया गया। नीति आयोग के सदस्य गोवर्धन दास ने इसे संस्थान की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण अवसर बताया।

उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा विद्यार्थियों में युवा ऊर्जा, राष्ट्र निर्माण और उत्कृष्टता की प्रेरणा का संचार करेगी।

2008 में स्थापित हुआ था IISER भोपाल

IISER भोपाल के प्रभारी निदेशक रघुवीर सिंह तोमर ने बताया कि संस्थान ने शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

वर्ष 2008 में स्थापित IISER भोपाल ने पिछले 18 वर्षों में ज्ञान-विज्ञान, अभियांत्रिकी, मानविकी और सामाजिक विज्ञान के क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है।

विज्ञान और नवाचार के नए अवसरों का आधार बनेगा ‘अत्रि’

IISER भोपाल संसद के अधिनियम के तहत स्थापित राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। ‘अत्रि’ के विस्तारित परिसर से संस्थान में अनुसंधान एवं नवाचार की सुविधाओं का विस्तार होगा।

नए परिसर के माध्यम से विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को AI, रोबोटिक्स, ड्रोन, क्वांटम टेक्नोलॉजी, मेडिकल डिवाइसेस और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में शोध के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

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