MP Gopalak Sammelan: अमित शाह बोले- पशुधन और दुग्ध उत्पादन से आएगी गौपालकों के घरों में समृद्धि
भोपाल। भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय गौपालक सम्मेलन में केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश में डेयरी और पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे।
‘सहकार से समृद्धि’ की थीम पर आयोजित कार्यक्रम में पशुपालकों और गौशालाओं को करीब 100 करोड़ रुपये की सहायता राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरित की गई। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली गौपालक दीदियों और दुग्ध उत्पादन समितियों के सदस्यों को सम्मानित भी किया गया।
मध्यप्रदेश में 50 लाख लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि पशुधन और दुग्ध उत्पादन किसानों एवं गौपालकों की आर्थिक समृद्धि का प्रमुख आधार है। उन्होंने मध्यप्रदेश के गौपालकों से प्रदेश में प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन बढ़ने से किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी। सहकारी समितियों के माध्यम से दूध उत्पादकों को बेहतर मूल्य दिलाने और दूध से दही, मक्खन, पनीर जैसे उत्पाद तैयार करने के लिए मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है।
उज्जैन में 255 करोड़ का मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट
अमित शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रतिदिन 3 लाख लीटर क्षमता के मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल भूमि-पूजन किया।
इसके अलावा भोपाल में 16.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और 12.42 करोड़ रुपये की लागत से बनी राज्य स्तरीय केंद्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला का लोकार्पण किया गया।
शिवपुरी में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का भी लोकार्पण किया गया।
पशुपालकों और गौशालाओं को करीब 100 करोड़ की सहायता
सम्मेलन में भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालक सदस्यों को 15.10 करोड़ रुपये की लाभांश/बोनस राशि वितरित की गई। वहीं गौवंश संरक्षण और आहार आदि के लिए प्रदेश की गौशालाओं को 88 करोड़ रुपये की सहायता राशि सिंगल क्लिक से दी गई।
कार्यक्रम में पांच गौपालक दीदियों और सर्वश्रेष्ठ दुग्ध उत्पादन करने वाली समिति के सदस्यों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। दो पशुपालकों को डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत स्वीकृति आशय-पत्र भी प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की तीन बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गौपालकों और दुग्ध उत्पादकों के हित में तीन नए संकल्पों की घोषणा की।
- प्रदेश के सभी 313 ब्लॉकों के वृंदावन ग्रामों में उत्कृष्ट गौपालकों की प्रतियोगिता होगी।
- प्रथम पुरस्कार 1 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 25 हजार रुपये होगा।
- प्रदेश में मौजूदा 406 गौ-एम्बुलेंस के अलावा 168 नई गौ-एम्बुलेंस शुरू की जाएंगी।
- उन्नत नस्ल के पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेशभर में पशुपालकों के बड़े मेले आयोजित किए जाएंगे।
MP देश का तीसरा सबसे बड़ा दूध उत्पादक राज्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नई दुग्ध क्रांति की ओर बढ़ रहा है और राज्य का लक्ष्य देश में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाले राज्यों में अग्रणी बनना है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 80 लाख से अधिक गौपालकों का परिवार है और प्रदेश अब दूध उत्पादन में देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। सरकार दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत करने और दूध संग्रहण को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
‘श्वेत क्रांति 2.0’ को गति देने पर जोर
अमित शाह ने कहा कि देश में ‘श्वेत क्रांति 2.0’ की शुरुआत की गई है। केंद्र सरकार का लक्ष्य गांवों में 75 हजार नई डेयरी सहकारी समितियां बनाने और 46 हजार मौजूदा डेयरियों को मजबूत करने का है।
उन्होंने कहा कि पशुओं की नस्ल सुधार, पशु आहार, चारा प्रबंधन, कृत्रिम गर्भाधान, गोबर से बायोगैस और अन्य उत्पादों के माध्यम से डेयरी आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
न्याय संहिता प्रदर्शनी का भी शुभारंभ
सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने न्याय संहिता प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि नई आपराधिक न्याय व्यवस्था में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जांच के प्रावधानों को शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन FIR, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और FSL जैसी व्यवस्थाओं से न्याय प्रक्रिया को आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया है।
भोपाल में नगर वन के लिए हुआ MOU
कार्यक्रम के दौरान भोपाल में मोरवन प्रोजेक्ट के तहत नगर वन विकसित करने के लिए कृभको और मध्यप्रदेश जैव विविधता बोर्ड के बीच समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इसका उद्देश्य हरित क्षेत्र का विस्तार, जैव विविधता संरक्षण और नागरिकों के लिए बेहतर प्राकृतिक वातावरण विकसित करना है।
