भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशताब्दी पर लोक भवन में सजी सांस्कृतिक संध्या, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी संगीतमय श्रद्धांजलि
छत्तीसगढ़ मंडपम में कलाकारों ने नृत्य-नाटिका और कालजयी गीतों से जीवंत की डॉ. हजारिका की जीवन-यात्रा
रायपुर। भारत रत्न, प्रख्यात संगीतकार, गायक, गीतकार और फिल्मकार डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर लोक भवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. भूपेन हजारिका के कला, संगीत और सांस्कृतिक जगत में दिए गए अतुलनीय योगदान को स्मरण किया गया।

कार्यक्रम में उनकी कालजयी रचनाओं और प्रेरणादायी जीवन-यात्रा को नृत्य और संगीत के माध्यम से भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
डॉ. भूपेन हजारिका का संगीत समाज और संस्कृति की आवाज था
इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने डॉ. भूपेन हजारिका के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं था, बल्कि उसमें समाज, संस्कृति, प्रकृति, मानवीय संवेदनाओं और राष्ट्रीय एकता की गहरी अभिव्यक्ति दिखाई देती थी।
उन्होंने कहा कि डॉ. हजारिका ने अपने गीतों और संगीत के माध्यम से भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनकी रचनाएं आज भी लोगों को सामाजिक समरसता, भाईचारे और मानवीय मूल्यों का संदेश देती हैं।
नृत्य-नाटिका में जीवंत हुई डॉ. हजारिका की जीवन-यात्रा
सांस्कृतिक संध्या में इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के कलाकारों ने डॉ. भूपेन हजारिका के जीवन और उनकी रचनाओं पर आधारित प्रभावशाली नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की।
कलाकारों ने नृत्य और अभिनय के माध्यम से डॉ. हजारिका की जीवन-यात्रा तथा उनकी प्रसिद्ध रचनाओं को जीवंत कर दिया। प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
प्रसिद्ध गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने बांधा समां
महाकालीबाड़ी एवं विश्वनाथ मंदिर समिति, पंडरी, रायपुर के कलाकारों ने डॉ. भूपेन हजारिका द्वारा गाए गए प्रसिद्ध गीतों की संगीतमय और भावपूर्ण प्रस्तुति दी।
संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से डॉ. हजारिका की अमर रचनाओं को याद किया गया। कार्यक्रम में उनकी कला और संगीत के माध्यम से समाज को जोड़ने की सोच को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का सम्मान
राज्यपाल रमेन डेका ने कार्यक्रम में शामिल कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की और उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कलाकारों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कई गणमान्य अतिथि रहे उपस्थित
इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, विधायक पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
