ग्वालियर-चंबल को रेलवे की बड़ी सौगात: वीरपुर तक पहुंची मेमू ट्रेन, जल्द श्योपुर तक दौड़ेगी रेल

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार को बड़ी गति मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्रियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 56 किलोमीटर लंबे कैलारस-सबलगढ़-वीरपुर रेलखंड का शुभारंभ किया। इसके साथ ही ग्वालियर-कैलारस मेमू ट्रेन का वीरपुर स्टेशन तक विस्तार भी शुरू हो गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रेलवे और ग्वालियर का संबंध काफी पुराना है और बेहतर रेल कनेक्टिविटी से क्षेत्र में उद्योग, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

जल्द ग्वालियर से श्योपुर तक शुरू होगी ट्रेन सेवा

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वीरपुर से सिरौली रोड तक 37 किलोमीटर और सिरौली रोड से श्योपुरकला तक 33 किलोमीटर रेलखंड का करीब 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में ग्वालियर से श्योपुरकला तक रेलगाड़ी का संचालन शुरू हो जाएगा।

इस रेल मार्ग पर ग्वालियर, बिरला नगर, बामौरगांव, अंबिकेश्वर, सुमावली, भटपुरा, कैलारस, पीपलवाली चौकी, सबलगढ़ और वीरपुर स्टेशन शामिल हैं।

रेल मंत्री के अनुसार, भविष्य में इस रेल लाइन को श्योपुरकला से कोटा तक विस्तारित करने की योजना है। इससे कोटा की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ने के साथ-साथ जयपुर तक औद्योगिक कॉरिडोर को भी गति मिलने की उम्मीद है।

मध्यप्रदेश में रेलवे परियोजनाओं पर 1.55 लाख करोड़ का निवेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है। वहीं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रदेश में रेलवे क्षेत्र में कुल 1.55 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का रेलवे बजट पहले करीब 632 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 15,188 करोड़ रुपये हो गया है। प्रदेश में 80 रेलवे स्टेशनों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। मध्यप्रदेश को पांच वंदे भारत और सात अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात भी मिल चुकी है।

इंदौर-मनमाड रेल लाइन से औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लगभग 18 हजार करोड़ रुपये की इंदौर-मनमाड रेल लाइन परियोजना को मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताया। यह रेल मार्ग गुना और मालवा होते हुए मुंबई तक नया कनेक्टिविटी मार्ग उपलब्ध कराएगा।

इससे मालवा और चंबल क्षेत्र के औद्योगिक गलियारों के साथ-साथ डिफेंस कॉरिडोर और टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

रेलवे कनेक्टिविटी से युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए मजबूत कनेक्टिविटी जरूरी है। ग्वालियर अंचल में बैट्री स्टोरेज परियोजना, फुटवियर क्लस्टर और हाइड्रोजन निर्माण इकाई जैसी परियोजनाओं से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में विकास का नया दौर शुरू हो रहा है। उनके मुताबिक रेलवे से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2024 में ग्वालियर से कैलारस तक रेल सेवा शुरू हुई थी, जिसे अब वीरपुर तक विस्तारित किया गया है। आगे श्योपुर तक लाइन पहुंचने से क्षेत्र के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।

रेलवे में 5.54 लाख युवाओं को मिला रोजगार

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद भारतीय रेलवे में 5 लाख 54 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। पिछले 12 से 14 महीनों में करीब तीन करोड़ युवाओं ने रेलवे की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में भाग लिया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से रेलवे में लगभग 1 लाख 40 हजार पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

रेलवे के व्यापक विद्युतीकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम हुई है और यात्रियों के परिवहन में रेलवे की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

ग्वालियर में जल्द स्थापित होगा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) का जल्द भूमि-पूजन किया जाएगा। इसके अलावा ग्वालियर से आगरा तक सुपर एक्सप्रेस-वे की स्वीकृति भी मिल चुकी है।

उन्होंने कहा कि रेलवे कनेक्टिविटी और नई औद्योगिक परियोजनाओं के साथ ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में विकास और रोजगार की संभावनाएं और मजबूत होंगी।

व्यापार और उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण है रेल विस्तार

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर से श्योपुर तक रेल विस्तार केवल यात्रियों के लिए परिवहन सुविधा नहीं है, बल्कि इससे व्यापार और व्यवसाय के साधनों का भी विस्तार होगा।

रेलवे के विस्तार से क्षेत्र के गांवों और कस्बों को बड़े बाजारों से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन, शिक्षा और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।

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