भोपाल को मिली बड़ी रेल सौगात: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निशातपुरा स्टेशन से मालवा एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी, अब दिल्ली-उज्जैन-इंदौर यात्रा होगी आसान
भोपाल। मध्यप्रदेश के रेल नेटवर्क को नई मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल के नव विकसित निशातपुरा रेलवे स्टेशन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. अंबेडकर नगर-श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा मालवा एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और वेरावल-जबलपुर एक्सप्रेस के नए स्टॉपेज का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्टेशन सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और प्रदेश में बढ़ती रेल सुविधाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भोपाल को मिला चौथा रेलवे स्टेशन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि निशातपुरा रेलवे स्टेशन के शुरू होने से भोपाल को चौथे रेलवे स्टेशन की सौगात मिली है। इससे राजधानी के मुख्य रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का दबाव कम होगा और नई दिल्ली, उज्जैन एवं इंदौर की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अब कई ट्रेनों के लिए इंजन या ट्रैक बदलने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे यात्रा समय में भी कमी आएगी।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ-2028 में करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। ऐसे में रेलवे अधोसंरचना का विस्तार अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि 14 करोड़ रुपये की लागत से विकसित निशातपुरा स्टेशन यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा और भविष्य में क्षेत्र के विकास का नया केंद्र बनेगा।
मध्यप्रदेश के रेल बजट में 24 गुना बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि—
- वर्ष 2009-14 में मध्यप्रदेश का रेल बजट 632 करोड़ रुपये था।
- वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 15,288 करोड़ रुपये हो गया।
- यानी प्रदेश के रेल बजट में 24 गुना वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 1.18 लाख करोड़ रुपये की लागत से रेलवे परियोजनाओं पर कार्य जारी है।
2800 किलोमीटर नई रेल लाइन, डेनमार्क की सीमा से भी लंबी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद मध्यप्रदेश में 2800 किलोमीटर नई रेल लाइन का निर्माण हुआ है, जिसकी लंबाई डेनमार्क की कुल सीमा से भी अधिक है।
उन्होंने बताया कि—
- प्रदेश में रेलवे ट्रैक का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है।
- वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों का संचालन लगातार बढ़ रहा है।
- भोपाल के पास आधुनिक रेल कोच निर्माण की भी तैयारी चल रही है।
अब रोज़ बिछ रही है 34 किलोमीटर रेल लाइन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले देश में प्रतिदिन केवल 4 किलोमीटर रेल ट्रैक बिछता था, जबकि अब यह गति बढ़कर 34 किलोमीटर प्रतिदिन हो गई है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में—
- वडोदरा-रतलाम तीसरी लाइन
- इटारसी-भोपाल-बीना तीसरी और चौथी लाइन
- कई रेल मार्गों के दोहरीकरण एवं विस्तार का कार्य तेजी से चल रहा है।
13 अमृत स्टेशन और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं
पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश में रेलवे अधोसंरचना का तेजी से विकास हो रहा है।
उन्होंने कहा कि—
- प्रदेश में 13 अमृत स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा हो चुका है।
- यात्रियों के लिए एस्केलेटर, फुट ओवरब्रिज (FOB) और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- निशातपुरा स्टेशन पर दो प्रमुख ट्रेनों के ठहराव से भोपाल मुख्य स्टेशन की भीड़ कम होगी।
विकास के नए दौर की शुरुआत
कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से मध्यप्रदेश में रेलवे का अभूतपूर्व विकास हो रहा है और आने वाले वर्षों में प्रदेश का रेल नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा।
