कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत को पहला पदक दिलाने वाले झंडू कुमार को CM मोहन यादव ने दी बधाई
पूर्व मुख्यमंत्री गोविंद नारायण सिंह की जयंती: CM मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि, कहा- सेवा और नैतिकता से मिलेगी नई पीढ़ी को प्रेरणा
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गोविंद नारायण सिंह की जयंती पर विधानसभा के सेंट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, जनप्रतिनिधि और स्व. सिंह के परिजन भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज का कल्याण करना है। उन्होंने नई पीढ़ी से आह्वान किया कि वे स्व. गोविंद नारायण सिंह के जीवन से सेवा, समर्पण, ईमानदारी और नैतिकता की प्रेरणा लें।
जनता से सीधा संवाद उनकी सबसे बड़ी ताकत था
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्व. गोविंद नारायण सिंह अपनी सादगी, सहज व्यवहार और जनता से सीधे जुड़ाव के लिए जाने जाते थे। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को करीब से समझते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनकी कार्यशैली आज भी जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
1967 में बने थे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 1967 में गोविंद नारायण सिंह ऐसे समय मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने, जब प्रदेश की राजनीति एक नए दौर से गुजर रही थी। उन्होंने प्रशासन में जवाबदेही बढ़ाने, लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और जनहितकारी शासन व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए। उनका कार्यकाल प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में बदलाव के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है।
आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
डॉ. यादव ने कहा कि स्व. गोविंद नारायण सिंह की जयंती पर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि जनकल्याण, सुशासन और सतत विकास के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण किया जाएगा।
मीडिया से चर्चा में कही यह बात
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. गोविंद नारायण सिंह प्रदेश की तत्कालीन संविद सरकार की राजनीति के केंद्र में रहे और उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा पूर्व मुख्यमंत्रियों और पूर्व विधानसभा अध्यक्षों की जयंती एवं पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित करने की पहल सराहनीय है।
गोविंद नारायण सिंह का संक्षिप्त परिचय
- जन्म: 25 जुलाई 1920, रामपुर बघेलान
- शिक्षा: एम.ए., एलएलबी
- मुख्यमंत्री कार्यकाल: 30 जुलाई 1967 से 12 मार्च 1969
- निधन: 10 मई 2005
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Govind Narayan Singh Birth Anniversary: CM Mohan Yadav Pays Tribute, Calls His Life an Inspiration for Youth
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पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गोविंद नारायण सिंह की जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन को सेवा, समर्पण और नैतिकता का आदर्श बताया। उन्होंने युवाओं से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
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Department Of Public Relations M.P लाइव कार्यक्रम आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष – 2025-26 नवीन सूचनाएँ e-संदेश-2026 e-रोजगार और निर्माण e-संदेश श्री महाकाल लोक प्रकाशन अब तक ऑनलाइन विज्ञापन दिनांक: शीर्षक: Krutidev Chanakya कमेंट ईमेल प्रिंट 0 व्यू फास्ट ट्रैक कोर्ट में 3 माह में होगा परीक्षा जैसे अन्य मामलों का निराकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सरकार शिक्षकों और विद्यार्थियों से जुड़े सभी विषयों पर अत्यंत संवेदनशील फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के केन्द्र सरकार के निर्णय का सबसे पहले मध्यप्रदेश में अमल शुरू युवाओं और विद्यार्थियों के कल्याण की चिंता हमारा कर्तव्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा परिसर में की मीडिया से चर्चा भोपाल : शनिवार, जुलाई 25, 2026, 14:29 IST मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार शिक्षक और विद्यार्थी वर्ग के कल्याण से जुड़े सभी विषयों पर अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और विद्यार्थियों के हित में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की जनता के हित में जब भी कोई निर्णय लिया जाता है, मध्यप्रदेश उसे लागू करने और निर्णय के अनुरूप नीतिगत व्यवस्था बनाने वाला पहला राज्य होता है। समय की जरूरत है कि युवाओं से संबंधित न्यायिक फैसले द्रुत गति से हों। इसके लिए मध्यप्रदेश में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट्स (भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में) बनाये जायेंगे। पेपर लीक और परीक्षा सहित अन्य मामलों का फास्ट ट्रैक कोर्ट में मात्र 3 माह में निराकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को मध्यप्रदेश विधानसभा स्थित सेंट्रल हॉल में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मन में विद्यार्थियों के कल्याण और उनसे जुड़े सभी विषयों को लेकर बेहद सकारात्मक भाव हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही नीट पेपर लीक की खबर सामने आई, उसकी जांच के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की। प्रकरण दर्ज हुआ और देशभर में तेज गति से आरोपियों की गिरफ्तारियां भी की गई, फिर दोबारा नीट परीक्षा कराई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार पूरी सहानुभूति और संवेदना विद्यार्थियों के साथ है। हम हर परिस्थिति में विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में नीट परीक्षाएं बेहतर और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हों, इसके लिए स्टैंडर्ड ऑफ प्रोटोकॉल्स (एसओपी) तैयार कर सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश वह राज्य है, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश में सबसे पहले लागू की गई। पिछले ढाई साल के कार्यकाल में राज्य सरकार ने 3 नए शासकीय विश्वविद्यालय प्रारंभ किए हैं। प्रदेश में विकास की गतिविधियों को गति देकर तेज़ी लाने के साथ-साथ युवाओं और विद्यार्थियों के लिए कल्याण की चिंता कर इनके हित में निर्णय लेना भी हमारा कर्तव्य है। विद्यार्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय हमारी सरकार ले चुकी है और यह आगे भी लगातार जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज की संख्या दोगुनी से अधिक हो चुकी है। पूरे देश में पहले मात्र 641 विश्वविद्यालय थे, आज इनकी संख्या बढ़कर 1400 से अधिक हो गई है। मेडिकल एजुकेशन की सीटें भी 50 हजार से बढ़कर 1 लाख से अधिक हो चुकी हैं।
MP में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगे, 3 महीने में होंगे पेपर लीक और परीक्षा विवादों के फैसले: CM मोहन यादव
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि प्रदेश में भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में चार फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। इन अदालतों में पेपर लीक, परीक्षा विवाद और विद्यार्थियों से जुड़े अन्य मामलों का अधिकतम तीन महीने के भीतर निराकरण किया जाएगा।
शनिवार को मध्यप्रदेश विधानसभा के सेंट्रल हॉल में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों और विद्यार्थियों से जुड़े हर मुद्दे पर बेहद संवेदनशील है और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
युवाओं को समय पर न्याय दिलाने की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं से जुड़े मामलों में न्याय में देरी नहीं होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से चार प्रमुख शहरों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, जहां परीक्षा, पेपर लीक और अन्य संबंधित मामलों की सुनवाई तेजी से होगी और तीन महीने के भीतर फैसला देने का लक्ष्य रखा जाएगा।
केंद्र के फैसले को लागू करने वाला पहला राज्य
डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिए गए जनहित के निर्णयों को लागू करने और उनके अनुरूप नीतिगत व्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश हमेशा अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था लागू करने की दिशा में भी मध्यप्रदेश सबसे पहले कदम उठा रहा है।
NEET विवाद पर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि NEET पेपर लीक की जानकारी सामने आते ही केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है और भविष्य में परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल (SOP) तैयार किए जाएंगे।
शिक्षा क्षेत्र में हुए बड़े बदलाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में तीन नए शासकीय विश्वविद्यालय शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में देशभर में विश्वविद्यालयों और मेडिकल कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा मेडिकल सीटें भी पहले की तुलना में दोगुनी से अधिक हो चुकी हैं।
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MP to Set Up 4 Fast Track Courts for Exam and Paper Leak Cases, Says CM Mohan Yadav
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, जहां पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े मामलों का तीन महीने के भीतर निपटारा किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कामनवेल्थ गेम्स-2026 में मेन्स हेवीवेट पैरा पॉवर लिफ्टिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर भारत के लिए पहला पदक हासिल करने वाले श्री झंडू कुमार को बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि पैरा प्लेयर श्री झंडू कुमार ने देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत को पहला पदक दिलाने वाले झंडू कुमार को CM मोहन यादव ने दी बधाई
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में मेन्स हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर भारत के लिए पहला पदक हासिल करने वाले झंडू कुमार को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि झंडू कुमार ने शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल भारतीय खेल जगत के लिए गर्व का विषय है, बल्कि युवाओं और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि झंडू कुमार भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करेंगे और नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
