पूर्व मुख्यमंत्री गोविंद नारायण सिंह की जयंती: CM मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि, कहा- सेवा और नैतिकता से मिलेगी नई पीढ़ी को प्रेरणा
कोरबा में कोल पिच कार्बन फैक्ट्री में भीषण धमाका, आग की चपेट में पूरी यूनिट; सभी मजदूर सुरक्षित
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक कोल पिच कार्बन फैक्ट्री में शनिवार को अचानक हुए तेज धमाके के बाद भीषण आग लग गई। विस्फोट इतना जोरदार था कि कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय फैक्ट्री के अंदर मजदूर काम कर रहे थे, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, नगर निगम, सीएसईबी और अन्य संबंधित विभागों की दमकल टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग की गंभीरता को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
प्रशासन ने क्षेत्र किया सील
सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने फैक्ट्री परिसर और आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया है। आम लोगों के प्रवेश और वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर लोगों को सुरक्षित दूरी पर रोक रखा है, ताकि दमकल और राहत दल बिना किसी बाधा के अपना कार्य कर सकें।
सभी मजदूर सुरक्षित, कोई जनहानि नहीं
मौके पर मौजूद पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि फैक्ट्री में मौजूद सभी मजदूर सुरक्षित हैं और अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
पहले भी हो चुका है ब्लास्ट
स्थानीय जानकारी के अनुसार, इसी फैक्ट्री में पहले भी विस्फोट की घटना हो चुकी है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद प्रशासन हादसे की जांच करेगा और यह भी देखा जाएगा कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
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Korba Factory Fire: Massive Blaze Erupts After Explosion at Coal Pitch Carbon Plant, All Workers Safe
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कोरबा के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कोल पिच कार्बन फैक्ट्री में तेज धमाके के बाद भीषण आग लग गई। प्रशासन ने क्षेत्र सील कर दिया है। सभी मजदूर सुरक्षित हैं और आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी।
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Today 6:50 PM
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों का कल्याण सर्वोपरि है। राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष – 2026 के अंतर्गत अनेक गतिविधियां आयोजित की हैं। जहां वर्ष की प्रथम छमाही में कृषि उपकरणों की तकनीक, उन्नत कृषि के संबंध में कार्यशालाएं आयोजित की गईं, वहीं दूसरी छमाही में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। बलराम कृषि महोत्सव का यह सिलसिला 15 जुलाई को इंदौर से प्रारंभ किया गया है। इस क्रम में 23 जुलाई को आलीराजपुर में कृषि महोत्सव का आयोजन भी हुआ। किसानों को हेलमेट वितरण का नवाचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को दतिया से खरगोन के कृषि महोत्सव में वर्चुअली जुड़कर संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। किसानों के लिए पर्याप्त बिजली की व्यवस्था की गई है। यही नहीं कृषक कल्याण वर्ष में गांव से दो पहियों से दूध और सब्जियां लेकर शहरों तक आने-जाने वाले किसान भाईयों को जीवन रक्षा के लिए हेलमेट भी प्रदान किए गए हैं। यह किसानों के लिए नवाचार भी है और सुविधा भी। आगामी 13 नवम्बर तक जिले-जिले में होंगे बलराम कृषि महोत्सव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में आगामी 13 नवम्बर तक बलराम कृषि महोत्सव के साथ ही अन्य अनेक आयोजन होंगे। खेती-किसानी पर आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के समग्र विकास के संकल्प के साथ कार्य हो रहा है। किसान उन्नत कृषि अपनाएं, लाभ बढ़ाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खरगोन के बलराम कृषि महोत्सव में शामिल सभी किसान भाईयों को बधाई देते हुए कहा कि उन्नत कृषि को अपनाकर अपने लाभ में वृद्धि के प्रयास करें। किसानों को दिन और रात में भी पर्याप्त बिजली की पूर्ति की जाएगी। मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि कल्याण वर्ष में 16 विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की है, जिसके फलस्वरूप किसानों की आय वृद्धि के रोडमैप को क्रियान्वित किया जाएगा। खरगोन बलराम कृषि महोत्सव में बड़ी संख्या में किसानों के अलावा जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
कृषक कल्याण वर्ष 2026: किसानों के लिए सरकार का बड़ा अभियान, 13 नवंबर तक पूरे प्रदेश में होंगे बलराम कृषि महोत्सव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार के लिए किसानों का कल्याण सर्वोपरि है। कृषक कल्याण वर्ष-2026 के तहत प्रदेशभर में किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक खेती को बढ़ावा देने और कृषि तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन 15 जुलाई से शुरू हो चुका है और यह अभियान 13 नवंबर तक प्रदेश के सभी जिलों में चलेगा।
किसानों को हेलमेट वितरण का अनूठा नवाचार
मुख्यमंत्री ने शनिवार को दतिया से खरगोन में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में सिंचाई का दायरा लगातार बढ़ रहा है और किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि कृषक कल्याण वर्ष के तहत एक अनूठी पहल करते हुए दोपहिया वाहन से दूध, सब्जियां और कृषि उत्पाद लेकर आने-जाने वाले किसानों को सड़क सुरक्षा के लिए हेलमेट भी वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे किसानों की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण नवाचार बताया।
13 नवंबर तक सभी जिलों में होंगे कृषि कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में 13 नवंबर तक बलराम कृषि महोत्सव के साथ खेती-किसानी से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से किसानों को नई कृषि तकनीक, आधुनिक उपकरण, उन्नत बीज और वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी जाएगी।
उन्नत खेती अपनाकर बढ़ाएं आय
मुख्यमंत्री ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों को दिन और रात दोनों समय पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 के तहत 16 विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है, ताकि किसानों की आय बढ़ाने के लिए समन्वित रोडमैप पर प्रभावी ढंग से काम किया जा सके।
खरगोन में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।
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Balram Krishi Mahotsav 2026: CM Mohan Yadav Announces Statewide Farmers’ Campaign Till November 13
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत 13 नवंबर तक पूरे मध्यप्रदेश में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित होंगे। किसानों को आधुनिक खेती, तकनीक, पर्याप्त बिजली और हेलमेट वितरण जैसी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गोविंद नारायण सिंह की जयंती पर शनिवार को मध्यप्रदेश विधानसभा के सेंट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। पुष्पांजलि कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सिंह के परिजन उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता पाना नहीं, समाज का कल्याण करना है। आज की नई पीढ़ी को पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गोविंद नारायण सिंह के जीवन से सेवा, समर्पण और नैतिकता की सीख लेनी चाहिए। वे बेहद सरल जीवन और सहज व्यवहार के लिए प्रसिद्ध थे। जनता से उनका सीधा संवाद उनकी सबसे बड़ी शक्ति था। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों और सामान्य नागरिकों की समस्याओं को निकट से समझा। ऐसे व्यक्तित्व सदैव समाज का मार्गदर्शन करते हैं। उनकी कार्यशैली आज भी जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्रोत है। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सिंह का जीवन युवाओं को ईमानदारी, संघर्ष और राष्ट्र सेवा का संदेश देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि श्री गोविन्द नारायण सिंह वर्ष 1967 में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने, जब प्रदेश की राजनीति एक नए दौर से गुजर रही थी। उन्होंने प्रशासन में जवाबदेही और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का प्रयास किया. लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप शासन चलाने की दिशा में कार्य किया। उनका कार्यकाल राजनीतिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सिंह की जयंती पर हम सभी उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लें। उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए हम विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए कार्य करेंगे। प्रदेश में जनकल्याण, सुशासन और सतत् विकास के मार्ग पर लगातार आगे बढ़ना ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गोविंद नारायण सिंह का जन्म 25 जुलाई 1920 को रामपुर बघेलान में हुआ था। एम.ए., एलएलबी. तक शिक्षा ग्रहण कर उन्होंने अपने सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन प्रारंभ किया। उन्होंने चतुर्थ विधानसभा (1967-1972) में 30 जुलाई 1967 से 12 मार्च 1969 तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश के विकास को एक नई दिशा दी थी। श्री सिंह का 10 मई 2005 को देहावसान हो गया। मीडिया से चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्पांजलि कार्यक्रम के पश्चात मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गोविंद नारायण सिंह राज्य में तत्कालीन संविद सरकार की राजनीति के केंद्र बिंदु थे। वे रीवा के निवासी थे। उन्होंने सादगी, निष्पक्षता के साथ समाज सेवा के क्षेत्र में विशेष पहचान बनाई थी। पूर्व मुख्यमंत्री श्री सिंह ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आज उनकी जयंती के अवसर पर हम सभी उनका स्मरण कर रहे हैं। श्री सिंह ने राजमाता सिंधिया के कार्यकाल में जनता की आवाज बनकर यह भरोसा दिलाया था कि पक्ष हो या विपक्ष, अब राजनीति में बदलाव का समय है। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सिंह प्रदेश की राजनीति में लोकतांत्रिक परंपरा की मिसाल बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व विधानसभा अध्यक्षों की जयंती और पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि कार्यक्रम कराने की उत्कृष्ट पहल की है।
पूर्व मुख्यमंत्री गोविंद नारायण सिंह की जयंती: CM मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि, कहा- सेवा और नैतिकता से मिलेगी नई पीढ़ी को प्रेरणा
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गोविंद नारायण सिंह की जयंती पर विधानसभा के सेंट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, जनप्रतिनिधि और स्व. सिंह के परिजन भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज का कल्याण करना है। उन्होंने नई पीढ़ी से आह्वान किया कि वे स्व. गोविंद नारायण सिंह के जीवन से सेवा, समर्पण, ईमानदारी और नैतिकता की प्रेरणा लें।
जनता से सीधा संवाद उनकी सबसे बड़ी ताकत था
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्व. गोविंद नारायण सिंह अपनी सादगी, सहज व्यवहार और जनता से सीधे जुड़ाव के लिए जाने जाते थे। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को करीब से समझते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनकी कार्यशैली आज भी जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
1967 में बने थे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 1967 में गोविंद नारायण सिंह ऐसे समय मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने, जब प्रदेश की राजनीति एक नए दौर से गुजर रही थी। उन्होंने प्रशासन में जवाबदेही बढ़ाने, लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और जनहितकारी शासन व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए। उनका कार्यकाल प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में बदलाव के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है।
आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
डॉ. यादव ने कहा कि स्व. गोविंद नारायण सिंह की जयंती पर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि जनकल्याण, सुशासन और सतत विकास के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण किया जाएगा।
मीडिया से चर्चा में कही यह बात
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. गोविंद नारायण सिंह प्रदेश की तत्कालीन संविद सरकार की राजनीति के केंद्र में रहे और उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा पूर्व मुख्यमंत्रियों और पूर्व विधानसभा अध्यक्षों की जयंती एवं पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित करने की पहल सराहनीय है।
गोविंद नारायण सिंह का संक्षिप्त परिचय
- जन्म: 25 जुलाई 1920, रामपुर बघेलान
- शिक्षा: एम.ए., एलएलबी
- मुख्यमंत्री कार्यकाल: 30 जुलाई 1967 से 12 मार्च 1969
- निधन: 10 मई 2005
