रायपुर: पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर के DMF फंड गड़बड़ी आरोप पर केंद्र सरकार ने मांगा जवाब, मुख्य सचिव को पत्र जारी, कांग्रेस-बीजेपी में सियासी बयानबाजी तेज
रायपुर. छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता ननकीराम कंवर ने जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) फंड में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। केंद्र सरकार ने इस पत्र पर संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील को पत्र जारी किया है। पत्र में ननकीराम कंवर द्वारा लिखे गए तथ्यों के संबंध में विस्तृत जवाब मांगा गया है तथा आवेदक को भी अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने आरोप लगाया है कि कोरबा जिले के दर्री ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक परसाभाटा बालको तक की सड़क के लिए तत्कालीन कलेक्टर अजीत बसंत ने बालको को निजी फायदे के लिए डीएमएफ फंड से लगभग 26 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। उनका कहना है कि यह सड़क बालको की है और इसका निर्माण-मरम्मत बालको के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड से होना चाहिए था। ननकीराम कंवर ने यह भी दावा किया कि शिकायत की जानकारी मिलते ही तत्कालीन कलेक्टर ने ट्रांसफर से पहले आनन-फानन में लोक निर्माण विभाग को टेंडर प्रक्रिया जारी कर दी थी।
इस मामले में सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि भाजपा ननकीराम कंवर को महत्व नहीं देती। उन्होंने कहा कि बीजेपी बुजुर्ग नेताओं को म्यूजियम में रख देती है तथा ननकीराम दादा को समझ लेना चाहिए कि भाजपा अब उनकी नहीं रही। यह पार्टी की पुरानी रणनीति है और इसमें अचंभित होने की कोई बात नहीं है।
वहीं भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि ननकीराम कंवर वरिष्ठ नेता हैं और वे भ्रष्टाचार उजागर कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस सरकार के दौरान हुए डीएमएफ घोटाले की शिकायत की है। मिश्रा ने कहा कि वर्तमान सरकार जीरो टालरेंस की है और हर घोटाले की जांच होगी। कांग्रेस बेचैन है क्योंकि यह उनके जमाने के कारनामे हैं।
केंद्र सरकार द्वारा मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र से मामले की जांच आगे बढ़ने की संभावना है।
