महासमुंद: अवैध धान परिवहन मामले में लापरवाही बरतने पर बागबाहरा मंडी सचिव निलंबित
महासमुंद। छत्तीसगढ़ में अवैध धान परिवहन और भंडारण के खिलाफ जारी सख्त कार्रवाई के तहत बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड ने बागबाहरा कृषि उपज मंडी समिति के सचिव कुशल राम ध्रुव को गंभीर लापरवाही और कर्तव्य में उदासीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई कलेक्टर खाद्य शाखा द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर की गई है, जिसमें मंडी सचिव की भूमिका को प्रथम दृष्टया दोषपूर्ण पाया गया। मामला विपणन वर्ष 2025-26 से संबंधित है।
28 दिसंबर 2025 को ग्राम टेमरी निवासी कृषक राधेश्याम साहू के घर के पास ओडिशा राज्य से अवैध रूप से ट्रक द्वारा लाए गए धान को उतारा जा रहा था। जांच में पाया गया कि ट्रक से धान उतारकर तीन ट्रैक्टरों में भरकर आगे ले जाया गया, जो स्पष्ट रूप से अवैध धान परिवहन और भंडारण की श्रेणी में आता है।
घटना की सूचना मिलने पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बागबाहरा ने मंडी प्रशासन को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मंडी प्रशासन द्वारा मौके पर पंचनामा तैयार नहीं किया गया और न ही धान को विधिवत जप्त कर मंडी के सुपुर्द किया गया। इस गंभीर लापरवाही को शासन के निर्देशों की अवहेलना माना गया।
कलेक्टर खाद्य शाखा के प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया कि मंडी सचिव द्वारा अपने कर्तव्यों का समुचित निर्वहन नहीं किया गया, जिसके कारण अवैध धान परिवहन के मामले में कार्रवाई कमजोर पड़ गई। इस आधार पर प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड ने कुशल राम ध्रुव को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान कुशल राम ध्रुव का मुख्यालय छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन बोर्ड का संभागीय कार्यालय, रायपुर निर्धारित किया गया है। इस दौरान वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र रहेंगे।
प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंडी निरीक्षक दिनेश कुमार साहू को आगामी आदेश तक कृषि उपज मंडी समिति बागबाहरा के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई अवैध धान के मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कड़ा संदेश है। जिला प्रशासन और मंडी बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि धान उपार्जन और परिवहन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए शासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है।
