खनिज राजस्व में ऐतिहासिक बढ़ोतरी, लीथियम खदान की नीलामी करने वाला देश का पहला राज्य बना छत्तीसगढ़

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। राज्य सरकार द्वारा खनिजों के विकास और योजनाबद्ध दोहन के लिए की जा रही सतत कार्रवाई के परिणामस्वरूप खनिज राजस्व में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। छत्तीसगढ़ लीथियम खदान की नीलामी करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

सचिव दयानंद ने बताया कि राज्य गठन के समय जहां खनिज राजस्व 429 करोड़ रुपए था, वहीं रजत जयंती वर्ष 2024-25 तक यह बढ़कर 14,592 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक खनिजों से राज्य शासन को लगभग 10,345 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हो चुका है और वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक लगभग 17,000 करोड़ रुपए के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में राज्य अग्रसर है। उन्होंने बताया कि देश के कुल खनिज उत्पादन में छत्तीसगढ़ की औसतन 17 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में खनिज क्षेत्र का योगदान लगभग 10 प्रतिशत है।

सचिव ने जानकारी दी कि खान मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी प्रधानमंत्री खनिज कल्याण क्षेत्र योजना गाइडलाइन-2024 के मार्गदर्शी सिद्धांतों को अपनाते हुए छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 में संशोधन किया गया है। अब तक डीएमएफ के अंतर्गत 16,742 करोड़ रुपए का अंशदान प्राप्त हुआ है, जिससे खनन प्रभावित क्षेत्रों और लोगों के विकास के लिए 1,07,689 कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इनमें से 75,901 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष कार्य प्रगतिरत हैं।

उन्होंने बताया कि डीएमएफ निधि के प्रभावी उपयोग, निगरानी, वित्तीय स्वीकृति, प्रबंधन, नियंत्रण और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के डीएमएफ पोर्टल की तर्ज पर राज्य में डीएमएफ पोर्टल 2.0 लागू किया गया है।

सचिव दयानंद ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा खनिज अधिनियम, 1957 में संशोधन कर देश में खनिजों की खोज के लिए राष्ट्रीय खनिज खोज विकास न्यास का गठन किया गया है। इस न्यास के अंतर्गत वर्ष 2015-16 से दिसंबर 2025 तक 1,159 करोड़ रुपए जमा किए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के विजन विकसित भारत 2047 के तहत क्रिटिकल मिनरल्स को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इसी उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन लागू किया गया है, जिससे क्रिटिकल मिनरल्स की खोज और दोहन को बढ़ावा मिल रहा है। इस क्रम में छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है, जहां लीथियम खदान की नीलामी की गई है। केंद्र सरकार द्वारा कोरबा जिले के कटघोरा तहसील अंतर्गत लीथियम और दुर्लभ खनिजों की नीलामी की गई है।

राज्य में लीथियम खदान शुरू होने से स्थानीय बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। वर्तमान परिदृश्य में क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की बढ़ती महत्ता को देखते हुए छत्तीसगढ़ के सुकमा और बस्तर जिले के बेंगपाल, एलिंगनार और कोमाकोलेंग क्षेत्रों में लीथियम, नियोबियम, टैंटेलम और आरईई खनिजों की खोज के लिए अधिसूचित निजी क्षेत्र की अन्वेषण एजेंसियों के माध्यम से एनएमईटी के तहत एक परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है।

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