छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में फिर बढ़ी उथल-पुथल: (BIS) कंपनी के सामूहिक इस्तीफे के बाद भी पुराने कर्मचारियों का दबदबा बरकरार, ओवर रेटिंग और अवैध बिक्री चरम पर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग में गड़बड़ियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। विभाग की सहायक इकाई बीस (BIS) में सामूहिक इस्तीफे के बाद नई नियुक्तियों का दावा जरूर किया गया, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करती है।
सूत्रों के अनुसार, (BIS) में नई भर्ती महज़ दिखावा साबित हुई है। दरअसल, आज भी BIS के नाम पर A 2 Z कंपनी और सुमित कंपनी के वही पुराने कर्मचारी ही काम संभाल रहे हैं— वही दो कंपनियाँ, जिनके कार्यकाल के दौरान 3,300 करोड़ का बड़ा शराब घोटाला सामने आया था। ऐसे में उन्हीं लोगों का फिर से सिस्टम चलाना, विभाग में बड़े स्तर पर धांधली के संकेत देता है।
लालपुर की मिलावटी शराब पकड़े जाने के बाद बढ़ा दबाव, BIS कर्मचारियों का सामूहिक इस्तीफा...
लालपुर शराब दुकान में हाल ही में मिलावटी शराब की बड़ी खेप पकड़े जाने से BIS कंपनी पर भारी दबाव बना। विभागीय पूछताछ और कार्रवाई की आशंका के बीच कंपनी के सभी कर्मचारियों ने एक साथ इस्तीफा देकर खुद को जिम्मेदारी से अलग कर लिया.
इस्तीफे के बाद भी सिस्टम वही पुराना—लोग भी वही पुराने
लंबे समय से बंद पड़ी ओवर रेटिंग की प्रथा एक बार फिर खुलकर शुरू हो गई है। राजधानी की कई शराब दुकानों से कोचियों को खुलेआम शराब बेचे जाने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक सबसे ज्यादा गड़बड़ी इन दुकानों में देखी जा रही है—
गोगांव शराब दुकान
उरला स्थित शराब दुकान
ट्रांसपोर्ट नगर
सिलतरा
कुर्रा
भाटागांव
लखौली (आरंग)
तिल्दा-नेवरा
खरोरा
मोहबा बाज़ार
इन दुकानों पर अवैध बिक्री, कोचियों की सप्लाई और रेट से ऊपर वसूली आम बात बन चुकी है। बताया जा रहा है कि यह पूरा खेल BIS कंपनी के फील्ड ऑफिसरों की मिलीभगत से संचालित हो रहा है।
आबकारी सचिव के तबादले के बाद बढ़ा खेल
विभागीय सूत्र बताते हैं कि हाल ही में आबकारी सचिव आर. संगीता के तबादले के बाद राजधानी में ओवर रेटिंग का खेल अचानक तेज़ हो गया है। नए प्रशासनिक बदलाव के बीच अवैध धंधे तेजी से सर उठा रहे हैं।
BIS कंपनी का कार्यकाल खत्म होने को—मुनाफा बढ़ाने की होड़ तेज
BIS का कार्यकाल अब महज़ 4–5 महीने बचा है। ऐसे में कंपनी नए टेंडर आने से पहले अधिक से अधिक मुनाफा बटोरने की कोशिश में लगी हुई दिखाई देती है।
लालपुर शराब दुकान से पकड़ी गई मिलावटी शराब की खेप के बाद कंपनी को 1.55 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भरना पड़ा था। अब बताया जा रहा है कि इस नुकसान की भरपाई के लिए BIS के नए-नवेले धुरंधर हर दुकान से वसूली बढ़ाने में जुटे हुए हैं।
