केंद्रीय गृहमंत्री शाह आज पहुचेंगे रायपुर, कार्यक्रम में हुआ बदलाव
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 60वीं डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस 28 से 30 नवंबर तक आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित देशभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल होंगे। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अमित शाह अब 27 नवंबर की रात 11 बजे विशेष विमान से रायपुर पहुंचेंगे और सुबह से होने वाले सत्रों में हिस्सा लेंगे। सभी सुरक्षा एजेंसियों और कार्केट को अलर्ट कर दिया गया है।
सम्मेलन में भाग लेने के लिए देशभर से DG और IG स्तर के अधिकारियों का रायपुर पहुंचना शुरू हो गया है। अब तक 236 डीजी अधिकारी रायपुर पहुंच चुके हैं। DGP, COP, IG, ADG, IB समेत कई सुरक्षा प्रमुख भी रायपुर में मौजूद हैं। एयरपोर्ट पर अधिकारियों के स्वागत और सुरक्षा व्यवस्था के लिए राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की तैनाती की गई है, जबकि ट्रैफिक व्यवस्था की कमान AIG संजय शर्मा संभाल रहे हैं। अधिकारियों के ठहराव के लिए नया रायपुर, न्यू सर्किट हाउस और सिविल लाइन सर्किट हाउस सहित छह अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 और 30 नवंबर को भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर में आयोजित इस अखिल भारतीय सम्मेलन के सत्रों में भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य देश की प्रमुख पुलिस चुनौतियों की समीक्षा करना और विकसित भारत की अवधारणा के अनुरूप सुरक्षित भारत के निर्माण के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार करना है।
‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद विरोधी रणनीति, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा, तथा पुलिस तंत्र में फोरेंसिक विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। प्रधानमंत्री सम्मेलन के दौरान विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे।
यह सम्मेलन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां वे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विविध मुद्दों पर सीधे विचार-विमर्श कर सकते हैं। परिचालन, अवसंरचना और कल्याण संबंधी चुनौतियों के अलावा अपराध नियंत्रण और आंतरिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने से जुड़े अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं का साझा किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी इस वार्षिक सम्मेलन में लगातार रुचि दिखाते रहे हैं और स्पष्ट तथा रचनात्मक संवाद को प्रोत्साहित करते हैं, जिससे पुलिस व्यवस्था में नए विचार और बेहतर नीतियां विकसित हो सकें।
