Shri RamLalla Ayodhya Dham Darshan Yojana : जांजगीर से रवाना हुई आस्था की बसें, श्री रामलला के दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का उत्साह

रायपुर, 29 अक्टूबर 2025

Shri RamLalla Ayodhya Dham Darshan Yojana : भक्ति और श्रद्धा से सराबोर छत्तीसगढ़ की भूमि से आज अयोध्या धाम की ओर एक और आध्यात्मिक यात्रा (Spiritual Journey) का आरंभ हुआ। श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के अंतर्गत जांजगीर-चांपा जिले के 187 श्रद्धालुओं का दल आज खोखरा से हरी झंडी दिखाकर रवाना हुआ।
राज्य शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत यात्रियों के लिए निःशुल्क यात्रा, आवास, भोजन और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई है ताकि हर श्रद्धालु बिना किसी आर्थिक बोझ के अपने आराध्य श्रीराम के दर्शन कर सके।

अयोध्या धाम के लिए विशेष यात्रा की व्यवस्था

श्रद्धालुओं को लेकर निकली बसें पहले बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंचेंगी, जहां से उनके लिए विशेष ट्रेन आरक्षित की गई है। यह ट्रेन उन्हें सीधे अयोध्या धाम तक ले जाएगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।
हर ओर “जय श्रीराम” के नारों से वातावरण गूंज उठा, मानो पूरे क्षेत्र में Faith and Devotion (श्रद्धा और आस्था) का समंदर उमड़ आया हो।

जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं, किया तिलक एवं विदाई

जांजगीर-नैला नगर पालिका अध्यक्ष रेखा देवागढ़ेवाल, जिला पंचायत सदस्य उमा राजेन्द्र राठौर, आशा साव, उपाध्यक्ष मोहन यादव तथा अन्य पार्षदों ने श्रद्धालुओं को तिलक लगाकर और फूलमाला पहनाकर यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
सभी जनप्रतिनिधियों ने कहा कि Shri RamLalla Ayodhya Dham Darshan Yojana जैसी पहल आम नागरिकों को अध्यात्म और परंपरा से जोड़ने का शानदार माध्यम है, जो एकता और संस्कृति (Unity and Culture) का भी संदेश देती है।

यात्रियों के लिए पूरी व्यवस्था, प्रशासन ने दिखाई तत्परता

यात्रा के सुचारू संचालन के लिए जिला प्रशासन की ओर से विशेष प्रबंध किए गए हैं। भोजन, विश्राम, आवास और चिकित्सा जैसी सभी व्यवस्थाओं की निगरानी अधिकारी स्वयं कर रहे हैं।
उप संचालक पंचायत अभिमन्यु साहू सहित प्रशासनिक अधिकारी स्थल पर मौजूद रहे और श्रद्धालुओं की सुखद यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

रामलला के दर्शन की ओर बढ़ते कदम – भक्ति और उम्मीदों की यात्रा

बसों के रवाना होते ही माहौल में भक्ति की गूंज और आस्था की रौनक फैल गई। श्रद्धालुओं ने कहा कि यह यात्रा उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण क्षण है, क्योंकि उन्हें प्रभु श्रीराम और बाबा विश्वनाथ के दर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है।
यह योजना सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि Public Welfare (जनकल्याण) की भावना को धरातल पर उतारने वाला प्रयास है, जो समाज को अध्यात्म से जोड़ते हुए सामूहिक आस्था को मजबूती दे रहा है।

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