Rahul Gandhi News: मॉक पार्लियामेंट में राहुल गांधी का CEC ज्ञानेश कुमार पर हमला, बोले- मोदी-शाह हमेशा नहीं बचा पाएंगे

खरगे के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में 19 विपक्षी दलों के नेता हुए शामिल, राहुल ने SIR के दौरान 13 करोड़ से अधिक वोटरों के नाम हटाए जाने का लगाया आरोप

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित मॉक पार्लियामेंट को संबोधित किया। यह कार्यक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने की।

इस दौरान राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के दौरान देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।

राहुल गांधी का दावा- हर सात में से एक मतदाता प्रभावित

राहुल गांधी ने दावा किया कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों की संख्या देश के करीब 15 प्रतिशत मतदाताओं के बराबर है। उन्होंने इसे हर सात में से एक भारतीय के बराबर बताते हुए कहा कि हटाए गए नामों में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में मतदान किया था।

राहुल गांधी ने इस आधार पर 2024 के लोकसभा चुनाव की वैधता को लेकर भी सवाल खड़े किए। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आंकड़ों और उनके आधार को लेकर उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

मोदी-शाह का नाम लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त पर साधा निशाना

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उन्हें बचा लेंगे, लेकिन वे हमेशा ऐसा नहीं कर पाएंगे।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, वे इस मुद्दे को न भूलेंगे और न माफ करेंगे। राहुल ने आरोप लगाया कि मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और इस मुद्दे पर विपक्ष की लड़ाई जारी रहेगी।

CEC के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन

राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के लिए सरकारी संस्थानों में अपनी बात रखना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को उठाए गए सवालों का जवाब देना होगा।

कार्यक्रम में विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं। हालांकि, यह आयोजन संसद की औपचारिक महाभियोग प्रक्रिया नहीं, बल्कि विपक्ष की ओर से आयोजित एक प्रतीकात्मक राजनीतिक विरोध कार्यक्रम था।

19 विपक्षी दलों के नेता हुए शामिल

इस मॉक पार्लियामेंट में कांग्रेस सहित INDIA ब्लॉक के 19 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची में नामों को लेकर सवाल उठाए।

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी के बीच मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

About The Author