Indian Women’s Kabaddi Team: भारतीय बेटियों ने रचा इतिहास, पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में जीता गोल्ड

फाइनल में युगांडा को 35-15 से दी करारी शिकस्त, पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही टीम इंडिया; साक्षी ने रेडिंग में जुटाए 9 अंक

नई दिल्ली। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। टीम इंडिया ने पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। शनिवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने युगांडा को 35-15 से हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपना अजेय अभियान भी बरकरार रखा।

फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों ने रेडिंग और डिफेंस, दोनों मोर्चों पर दमदार खेल दिखाया। टीम की एकजुटता और रणनीतिक प्रदर्शन के सामने युगांडा की चुनौती टिक नहीं सकी।

साक्षी ने रेडिंग में दिखाया दम, 10 रेड में जुटाए 9 अंक

खिताबी मुकाबले में साक्षी भारत की सबसे सफल रेडर रहीं। उन्होंने 10 रेड में 9 अंक हासिल किए, जिनमें दो बोनस अंक शामिल थे। पहले हाफ में ही साक्षी ने सात अंक जुटाकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

अनु ने छह और कप्तान निधि शर्मा ने पांच अंक बनाए। वहीं, डिफेंस में रितु और सुमन ने चार-चार टैकल अंक हासिल कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। भारत ने मुकाबले में कुल 20 रेड और 10 टैकल अंक जुटाए तथा युगांडा को दो बार ऑलआउट किया।

पहले हाफ में 22-7 की बड़ी बढ़त

मुकाबले की शुरुआत में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। पहले हाफ में 10 मिनट शेष रहने पर भारत 7-3 से आगे था। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाते हुए तेजी से अंक जुटाए और स्कोर 15-4 तक पहुंचा दिया।

एक ऑलआउट के साथ भारतीय टीम ने हाफ टाइम तक 22-7 की मजबूत बढ़त बना ली। पहले हाफ में भारतीय रेडरों की कोई भी रेड असफल नहीं रही, जिसने टीम को निर्णायक बढ़त दिलाने में मदद की।

दूसरे हाफ में भी भारतीय टीम का दबदबा

दूसरे हाफ में युगांडा ने वापसी की कोशिश की और रेड अंकों के मामले में 7-6 की बढ़त भी हासिल की। हालांकि, भारतीय टीम की मजबूत बढ़त और प्रभावी डिफेंस के सामने युगांडा की कोशिशें नाकाम रहीं।

मैच समाप्त होने से करीब 10 मिनट पहले भारत ने दूसरा ऑलआउट कर अपनी जीत लगभग सुनिश्चित कर दी। भारतीय डिफेंस ने युगांडा के रेडरों को 10 बार सफलतापूर्वक रोककर टीम की खिताबी जीत में अहम योगदान दिया।

पूरे टूर्नामेंट में साक्षी का शानदार प्रदर्शन

साक्षी ने फाइनल के साथ पूरे टूर्नामेंट में भी बेहतरीन खेल दिखाया। उन्होंने छह मुकाबलों में कुल 52 अंक हासिल किए। खिताबी जीत के बाद साक्षी ने कहा कि फाइनल में नौ रेड अंक जुटाकर टीम की जीत में योगदान देना उनके लिए खुशी की बात है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कबड्डी के विकास और युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

भारतीय महिला टीम की यह ऐतिहासिक जीत देश में कबड्डी के बढ़ते दायरे और महिला खिलाड़ियों की प्रतिभा का एक शानदार उदाहरण बन गई है।

About The Author