Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग से पहले 45 मिनट इंतजार, कोटा से 3 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई/कोटा। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी वारदात से करीब 10 दिन पहले मुंबई पहुंचे थे और उन्होंने अभिनेता की दिनचर्या पर नजर रखी थी। बताया जा रहा है कि 18 अक्टूबर को जुहू फुटबॉल ग्राउंड के बाहर करीब 45 मिनट तक टाइगर श्रॉफ के बाहर आने का इंतजार किया गया था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, फायरिंग के बाद आरोपी मुंबई से फरार हो गए थे। पुलिस ने तलाश के बाद 19 अक्टूबर को राजस्थान के कोटा से तीनों को गिरफ्तार किया। मामले में हमले की वजह और कथित साजिश से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है।

18 अक्टूबर को कैसे हुई फायरिंग की वारदात?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ 18 अक्टूबर की शाम करीब 5 बजे जुहू फुटबॉल ग्राउंड में खेलने पहुंचे थे। शाम लगभग 6:15 बजे तीन आरोपी मैदान के बाहर पहुंचे और अभिनेता के बाहर निकलने का इंतजार करने लगे।

बताया गया कि शाम करीब 7 बजे टाइगर श्रॉफ खेल खत्म करने के बाद बाहर आए। उन्होंने कुछ प्रशंसकों के साथ सेल्फी ली और अपनी कार में बैठ गए। इसके कुछ देर बाद, करीब 7:05 बजे, कार के गेट के पास पहुंचने पर दो हमलावरों ने कथित तौर पर सात राउंड फायरिंग की। इसके बाद आरोपी बाइक से फरार हो गए।

पुलिस जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों को अभिनेता के आने-जाने के समय की जानकारी कैसे मिली।

फायरिंग में प्रशंसक घायल, अस्पताल पहुंचे टाइगर

रिपोर्ट्स के अनुसार, गोलीबारी के दौरान एक प्रशंसक घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए मुंबई के कूपर अस्पताल ले जाया गया।

बताया गया कि घटना के बाद टाइगर श्रॉफ खुद कार चलाकर नानावटी अस्पताल पहुंचे। इस घटना के बाद अभिनेता की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देर रात उनके घर की सुरक्षा भी बढ़ाई गई और पुलिस उन्हें उनके आवास तक लेकर पहुंची।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से जिम्मेदारी का दावा

घटना के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से एक कथित पोस्ट और ऑडियो सामने आने की खबरें आईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रात करीब 10 बजे अनिल पंडित के नाम से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया।

हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट या ऑडियो के आधार पर किसी गैंग की भूमिका को प्रमाणित नहीं माना जा सकता। इसकी प्रामाणिकता और घटना से संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

मुंबई से फरार होकर कोटा पहुंचे आरोपी

फायरिंग के बाद तीनों आरोपी मुंबई से फरार हो गए थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उनकी आखिरी लोकेशन अंधेरी रेलवे स्टेशन के पास मिली थी। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर उनकी तलाश तेज की।

19 अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने राजस्थान के कोटा की रेलवे कॉलोनी से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी वहां छिपे हुए थे। कोटा सिटी पुलिस की ओर से भी गिरफ्तारी की पुष्टि किए जाने की जानकारी सामने आई है।

नेपाल भागने की तैयारी की भी जांच

प्रारंभिक जांच से जुड़ी रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि आरोपी ट्रेन से जयपुर पहुंचने, वहां से दिल्ली जाने और फिर सड़क मार्ग से नेपाल की सीमा पार करने की योजना बना रहे थे।

हालांकि, कथित फरारी योजना से जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पुलिस आरोपियों की गतिविधियों और संभावित संपर्कों की जांच कर रही है।

साजिश और हमले की वजह तलाश रही पुलिस

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब तलाश रही है। इनमें आरोपियों को अभिनेता की दिनचर्या की जानकारी कहां से मिली, वारदात में इस्तेमाल हथियार कहां से आए और हमले के पीछे क्या कारण था, जैसे पहलू शामिल है

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