छत्तीसगढ़ में 14 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया महिला सशक्तिकरण की बड़ी उपलब्धि

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अनुसार, प्रदेश की 14 लाख महिलाएं अब लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने इसे महिलाओं की मेहनत, लगन, उद्यमशीलता और आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रमाण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से न केवल अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि गांवों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं।

स्व-सहायता समूहों से मजबूत हो रही महिलाओं की आर्थिक स्थिति

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आजीविका के नए अवसरों का लाभ उठा रही हैं। आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ने से परिवारों की आय में सुधार हो रहा है और महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की मेहनत और उद्यमशीलता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

महिलाओं की आर्थिक मजबूती से परिवारों में खुशहाली

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब महिलाओं के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य आता है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। इससे बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य बेहतर बनाने में मदद मिलती है तथा परिवारों में खुशहाली बढ़ती है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भी अहम भूमिका निभाती हैं।

महिला स्वावलंबन के लिए सरकार के प्रयास जारी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए कौशल विकास, आजीविका के अवसर और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि वे अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ सकें और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश की 14 लाख महिलाओं का लखपति दीदी बनना उनकी मेहनत और आत्मविश्वास को दर्शाता है। महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवारों के साथ-साथ गांवों और समाज के विकास को भी गति मिलती है।

महिला स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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