जनपद पंचायत तखतपुर में औचक निरीक्षण, बायोमैट्रिक और वेतन भुगतान में गंभीर अनियमितताएं उजागर



तखतपुर। जनपद पंचायत तखतपुर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी की कार्यप्रणाली पर उस समय सवाल खड़े हो गए, जब जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार ने जनपद कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की उपस्थिति, बायोमैट्रिक अटेंडेंस और वेतन भुगतान प्रक्रिया में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

निरीक्षण के समय अधिकांश कर्मचारी अपने-अपने कक्षों में कार्य करते हुए पाए गए, लेकिन जब बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली की जांच की गई तो स्थिति अलग ही सामने आई। जानकारी देने पर बताया गया कि कार्यालय में बायोमैट्रिक मशीन चालू है, लेकिन आधे से अधिक कर्मचारियों का डेटा अब तक मशीन में दर्ज ही नहीं किया गया है। ऐसे कर्मचारियों की उपस्थिति बायोमैट्रिक प्रणाली में दर्ज नहीं हो पा रही है।

जनपद अध्यक्ष द्वारा पूछे जाने पर यह भी स्पष्ट हुआ कि कर्मचारियों का वेतन न तो बायोमैट्रिक अटेंडेंस के आधार पर और न ही मैन्युअल उपस्थिति रजिस्टर के आधार पर तैयार किया जा रहा है। बताया गया कि सीईओ के निर्देश के अनुसार उपस्थिति और वेतन पत्रक तैयार कर वेतन का आहरण किया जाता है।

इस पर जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे नियमों के विरुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यालयों में वेतन भुगतान केवल बायोमैट्रिक अटेंडेंस या विधिवत संधारित उपस्थिति रजिस्टर के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

इसके बाद जनपद अध्यक्ष ने मनरेगा शाखा का निरीक्षण किया, जहां आधे से अधिक तकनीकी सहायक अनुपस्थित पाए गए। उपस्थिति रजिस्टर की जांच में यह भी सामने आया कि कई तकनीकी सहायकों के पिछले दो दिनों के हस्ताक्षर दर्ज नहीं थे। इस संबंध में बताया गया कि एक तारीख को व्यस्तता के कारण एंट्री नहीं हो सकी थी, जबकि दो तारीख की एंट्री अभी शेष है।

जनपद अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि विजिट पर जाने वाले सभी कर्मचारियों को पहले मुख्यालय में उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा, ताकि यह स्पष्ट रहे कि संबंधित कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित है या किस कार्य हेतु बाहर गया है। उन्होंने अनुपस्थित तकनीकी सहायकों को उपस्थिति रजिस्टर में अनुपस्थित दर्ज करने के निर्देश भी दिए।

जनपद अध्यक्ष ने बताया कि कलेक्टर के स्पष्ट आदेश हैं कि 1 जनवरी से सभी शासकीय कार्यालयों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य है। इसके बावजूद जनपद पंचायत तखतपुर में तीन माह पूर्व मशीन लगाए जाने के बाद भी आधे से अधिक कर्मचारियों की एंट्री नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि यह लापरवाही है या जानबूझकर की गई अनदेखी, यह जांच का विषय है, लेकिन यह स्पष्ट है कि वेतन भुगतान निर्धारित नियमों के अनुसार नहीं किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान मौजूद जनपद सदस्यों ने भी व्यवस्था पर सवाल उठाए। जनपद सदस्य मनहरण कौशिक ने कहा कि बायोमैट्रिक प्रणाली होते हुए भी सीईओ के निर्देश पर वेतन भुगतान किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। जनपद सदस्य रामकुमार सिंगरौली ने इसे सीईओ की गंभीर लापरवाही बताया, जबकि जनपद सदस्य ऋषभ कश्यप ने कहा कि तानाशाही रवैये के कारण जनपद में आम जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने शासन से ऐसे अधिकारी को हटाने की मांग की।

निरीक्षण के दौरान जनपद अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार के साथ जनपद सदस्य मनहरण कौशिक, रामकुमार सिंगरौली और ऋषभ कश्यप उपस्थित रहे।

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