1 जनवरी 2026 से लागू होंगे 7 बड़े बदलाव, बैंकिंग से लेकर डिजिटल भुगतान तक आम लोगों पर पड़ेगा असर
नई दिल्ली। नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही देशभर में कई अहम नियमों में बदलाव लागू हो रहे हैं, जिनका सीधा असर आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, बिजली बिल, सब्सिडी और सरकारी योजनाओं से जुड़े ये बदलाव हर भारतीय को प्रभावित करेंगे।
बैंकिंग क्षेत्र में केवाईसी से जुड़ा नया नियम लागू किया जा रहा है। इसके तहत अब हर 12 महीने में केवाईसी अपडेट कराना अनिवार्य होगा। तय अवधि में केवाईसी पूरी नहीं होने पर संबंधित बैंक खाता फ्रीज किया जा सकता है।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यूपीआई ट्रांजैक्शन लिमिट बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। वर्तमान में एक लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर दो लाख रुपये तक करने की तैयारी की जा रही है, जिससे बड़े भुगतान करना आसान होगा।
बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी बड़ा बदलाव किया गया है। स्मार्ट मीटर वाले घरों को बिजली बिल में 15 से 20 प्रतिशत तक की राहत मिलने की संभावना है। इससे उपभोक्ताओं को आर्थिक फायदा होगा और ऊर्जा की बेहतर निगरानी भी संभव हो सकेगी।
आधार और पैन लिंक न कराने वालों को ई-केवाईसी सेवाओं से वंचित किया जा सकता है। नए नियम के तहत आधार-पैन लिंक अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे सरकारी और वित्तीय सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाई जा सके।
एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब गैस सिलेंडर की सब्सिडी केवल सत्यापित बैंक खातों में ही भेजी जाएगी। जिन खातों का सत्यापन नहीं होगा, उन्हें सब्सिडी का लाभ नहीं मिल सकेगा।
साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए साइबर फ्रॉड कानून को और सख्त किया गया है। नए प्रावधानों के तहत 5,000 रुपये से अधिक के हर डिजिटल भुगतान को ट्रैक किया जाएगा, जिससे धोखाधड़ी के मामलों पर नियंत्रण किया जा सके।
इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा सरकारी योजनाओं के लिए एक नया एकीकृत पोर्टल शुरू किया जाएगा। इस पोर्टल के जरिए नागरिक एक ही स्थान से विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी।
इन सभी बदलावों का उद्देश्य व्यवस्था को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है, ताकि आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
