PHC चंद्रपुर की अव्यवस्थाओं पर बाल आयोग का सख्त संज्ञान
सक्ती।
छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर—प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) चंद्रपुर में किए गए औचक निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य केंद्र में तेजी से सुधार देखने को मिला है। निरीक्षण के दौरान पेयजल, बिजली, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की गंभीर कमी सामने आई थी, जिस पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
एक माह में व्यापक सुधार...

अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने संबंधित विभाग को एक माह की समय सीमा देते हुए 31 अक्टूबर तक विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने और सभी सुविधाएँ दुरुस्त करने के आदेश दिए थे। इसके साथ ही प्रत्येक सुधार की फोटो सहित रिपोर्ट भेजना अनिवार्य किया गया था।
निर्देशों के अनुपालन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सक्ती के मार्गदर्शन में चंद्रपुर PHC के चिकित्सा अधिकारी डॉ. टेकन सिंह मनहर ने 31 अक्टूबर को आयोग के समक्ष प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। रिपोर्ट में बताया गया कि निरीक्षण में मिली सभी प्रमुख कमियों का समाधान कर दिया गया है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि स्वास्थ्य केंद्र में पेंटिंग कार्य अंतिम चरण में है, जो जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
आयोग ने जताई संतुष्टि...

आयोग ने प्रस्तुत प्रतिवेदन पर संतोष व्यक्त करते हुए शेष कार्य को शीघ्र पूरा कर पुनः जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
डॉ. वर्णिका शर्मा का स्पष्ट संदेश...

अध्यक्ष ने कहा—
“स्वास्थ्य केंद्रों में अव्यवस्था किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। विशेषकर उन क्षेत्रों में, जहाँ बच्चों, प्रसूताओं और ग्रामीणों की प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएँ इन्हीं संस्थानों पर निर्भर होती हैं। आयोग ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और कठोरता दोनों के साथ कार्रवाई करता रहेगा।”
PHC चंद्रपुर में हुए तेज सुधारों को ग्रामीणों और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
