मध्यप्रदेश में 6,200 करोड़ का सेमीकंडक्टर प्लांट लगाएगी पारस डिफेंस, 2,500 से ज्यादा युवाओं को मिलेगा रोजगार
भोपाल। मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग को नई उड़ान मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (मध्यप्रदेश शासन) और पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। कंपनी प्रदेश में करीब 6,200 करोड़ रुपये के निवेश से विश्वस्तरीय सेमीकंडक्टर परियोजना स्थापित करेगी, जिससे 2,500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
निवेशकों से बोले मुख्यमंत्री – खुले मन से करें निवेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश निवेश के लिए सबसे उपयुक्त राज्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है और निवेशकों को बेहतर माहौल एवं सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उज्जैन में बनेगी विश्वस्तरीय OSAT यूनिट
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि मध्यप्रदेश में OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) यूनिट स्थापित करने की योजना है। इस परियोजना के लिए लगभग 50 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। एमपीआईडीसी द्वारा उज्जैन के डीएमआईसी विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में लगभग 40 एकड़ भूमि का निरीक्षण कराया गया है, जिसे कंपनी ने प्रारंभिक रूप से परियोजना के लिए उपयुक्त माना है।
सेमीकंडक्टर सेक्टर को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
इस परियोजना के शुरू होने से मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई गति मिलेगी। साथ ही निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को भी मजबूती मिलेगी। कंपनी जल्द ही भूमि आवंटन के लिए औपचारिक प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी।
पारस डिफेंस को पसंद आई मध्यप्रदेश की सेमीकंडक्टर नीति
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि कंपनी मध्यप्रदेश की सेमीकंडक्टर पॉलिसी से काफी प्रभावित है। इसी कारण उसने राज्य में निवेश का निर्णय लिया है।
देश की अग्रणी रक्षा एवं स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी है पारस डिफेंस
पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड भारत की अग्रणी रक्षा एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल है। कंपनी ऑप्टिकल सिस्टम, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, एंटी-ड्रोन सिस्टम, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और हाई-प्रिसीजन इंजीनियरिंग जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में कार्य करती है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 10,000 करोड़ रुपये से अधिक है और इसके विनिर्माण केंद्र महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना में संचालित हैं।
