Mohan Bhagwat US Visit: अमेरिका दौरे से पहले RSS पर USCIRF की कार्रवाई की मांग, मचा विवाद

वाशिंगटन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर अमेरिका में एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग USCIRF के अधिकारियों ने अमेरिकी सरकार से RSS के खिलाफ कार्रवाई और प्रतिबंध लगाने की मांग की है। आयोग के अधिकारियों ने RSS नेताओं को राजनयिक सम्मान नहीं देने और उनके साथ उच्चस्तरीय बैठकें नहीं करने की भी अपील की है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब RSS प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे की तैयारियां चल रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाले ‘Universal Oneness Celebrations’ कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम का आयोजन American Hindus for Engagement and Dialogue (AHEAD) द्वारा किया जा रहा है।

🇺🇸 USCIRF ने RSS पर लगाए गंभीर आरोप

USCIRF के अध्यक्ष आसिफ महमूद ने RSS को एक व्यापक संगठन बताते हुए आरोप लगाया कि उसके कुछ सहयोगी संगठनों पर धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों में शामिल होने के आरोप लगे हैं। उन्होंने विशेष रूप से ईसाइयों और मुसलमानों के खिलाफ कथित हमलों का उल्लेख किया।

USCIRF आयुक्त जीन मिल्स ने कहा कि RSS नेताओं को अमेरिका में उच्चस्तरीय बैठकों या राजनयिक शिष्टाचार के जरिए सम्मान नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले RSS सदस्यों के खिलाफ प्रतिबंध की मांग की।

29 अगस्त को न्यूयॉर्क में कार्यक्रम

रिपोर्ट के अनुसार, मोहन भागवत के 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में होने वाले ‘Universal Oneness Celebrations’ कार्यक्रम में शामिल होने की योजना है। इसी दौरे से पहले USCIRF की ओर से RSS को लेकर की गई मांग ने राजनीतिक और कूटनीतिक चर्चा को तेज कर दिया है।

🇮🇳 भारत पहले भी खारिज कर चुका है USCIRF की रिपोर्ट

USCIRF और भारत सरकार के बीच यह विवाद नया नहीं है। आयोग ने मार्च में जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर कई आरोप लगाए थे और RSS समेत कुछ संस्थाओं एवं व्यक्तियों के खिलाफ लक्षित प्रतिबंधों की मांग की थी।

भारत सरकार ने USCIRF की रिपोर्ट को खारिज करते हुए आयोग पर भारत की “विकृत और चुनिंदा तस्वीर” पेश करने का आरोप लगाया था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 16 मार्च को कहा था कि USCIRF की रिपोर्टें संदिग्ध स्रोतों और वैचारिक धारणाओं पर आधारित होती हैं। भारत ने आयोग से अमेरिका में हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ और हमलों की घटनाओं पर भी ध्यान देने को कहा था।

भारत-अमेरिका संबंधों के बीच बढ़ी सियासी चर्चा

USCIRF की ताजा मांग ऐसे समय आई है जब मोहन भागवत का अमेरिका दौरा चर्चा में है। RSS को लेकर अमेरिकी आयोग के आरोपों और भारत सरकार के पुराने जवाब के बीच अब इस मुद्दे पर दोनों देशों के राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ने की संभावना है।

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