IndiGo Flight Ticket Hike: हवाई सफर हुआ महंगा, घरेलू उड़ानों पर ₹1,300 और इंटरनेशनल पर ₹10,000 तक फ्यूल सरचार्ज
नई दिल्ली/रायपुर। अगर आप आने वाले दिनों में IndiGo से हवाई यात्रा करने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है। एयरलाइन ने बढ़ती एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) कीमतों के बीच टिकटों पर नया फ्यूल सरचार्ज लगाने का ऐलान किया है। इसके तहत घरेलू उड़ानों पर ₹1,300 तक, जबकि अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर ₹10,000 तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
नई दरें 6 अक्टूबर की रात 12:01 बजे से प्रभावी होने की जानकारी दी गई है। बीते छह महीनों में यह तीसरा मौका है, जब इंडिगो ने हवाई यात्रा की लागत बढ़ाई है।
घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट पर कितना बढ़ेगा खर्च?
इंडिगो के नए फ्यूल चार्ज के मुताबिक यात्रियों को रूट और दूरी के आधार पर अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
- घरेलू उड़ानों पर: ₹1,300 तक फ्यूल सरचार्ज
- अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर: ₹10,000 तक अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज
इसका सीधा असर यात्रियों के कुल टिकट खर्च पर पड़ेगा। यानी आने वाले दिनों में हवाई यात्रा पहले की तुलना में महंगी हो सकती है।
छह महीने में तीसरी बार बढ़ी टिकट की लागत
इंडिगो ने इससे पहले भी इस साल टिकटों की लागत में बढ़ोतरी की थी। कंपनी ने 14 मार्च और 1 अप्रैल को भी किराए में बदलाव किया था। अब बढ़ती ईंधन लागत के चलते नया फ्यूल सरचार्ज लगाया जा रहा है।
क्यों महंगा हुआ हवाई सफर?
एयरलाइन के मुताबिक, इस फैसले की मुख्य वजह एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, 1 अक्टूबर से घरेलू एयरलाइंस के लिए जेट फ्यूल की कीमत ₹121 प्रति लीटर से बढ़कर ₹137 प्रति लीटर हो गई।
यानी एक ही बार में ATF की कीमत में ₹16 प्रति लीटर, करीब 13.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
तीन महीनों में ₹27 से ज्यादा बढ़े ATF के दाम
जेट फ्यूल की कीमतों में पिछले तीन महीनों के दौरान लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।
- अगस्त: ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी
- सितंबर: ₹6.28 प्रति लीटर की बढ़ोतरी
- अक्टूबर: ₹16 प्रति लीटर की बढ़ोतरी
इस तरह तीन महीनों में कुल बढ़ोतरी करीब ₹27.28 प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
इंडिगो के अनुसार, पिछले एक महीने में ही जेट फ्यूल की कीमत 14 फीसदी से अधिक बढ़ी है। इससे एयरलाइंस की परिचालन लागत पर दबाव बढ़ गया है।
एयरलाइन के खर्च में ईंधन की बड़ी हिस्सेदारी
हवाई जहाज के संचालन में सबसे बड़े खर्चों में से एक ATF है। सामान्य तौर पर किसी एयरलाइन की कुल ऑपरेटिंग लागत में करीब 30 से 40 फीसदी तक हिस्सेदारी ईंधन की लागत की हो सकती है।
ऐसे में ईंधन की कीमतों में अचानक आई तेजी का असर एयरलाइंस के पूरे लागत ढांचे पर पड़ता है। कंपनियां इस अतिरिक्त बोझ को कम करने के लिए यात्रियों से फ्यूल सरचार्ज वसूलने का रास्ता अपना रही हैं।
सिर्फ इंडिगो नहीं, दूसरी एयरलाइंस पर भी असर
बढ़ती जेट फ्यूल कीमतों का दबाव सिर्फ भारतीय एयरलाइंस तक सीमित नहीं है। Air New Zealand और Qantas जैसी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने भी बढ़ती ईंधन लागत के असर की ओर संकेत किया है।
ऐसे में आने वाले समय में विमान ईंधन की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो हवाई यात्रियों के टिकट खर्च पर और दबाव देखने को मिल सकता है।
यात्रियों की जेब पर सीधा असर
फ्यूल सरचार्ज लागू होने के बाद यात्रियों को टिकट की बेस कीमत के अलावा अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा। खासतौर पर लंबी दूरी और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में इसका असर ज्यादा दिखाई दे सकता है। इसलिए यात्रा की योजना बनाने वाले यात्रियों के लिए टिकट बुक करने से पहले कुल किराया और लागू शुल्क की जांच करना जरूरी होगा।
