अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस: GPM में 3 जेसीबी और 3 ट्रैक्टर जब्त, शिकायत पर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की नीति को लगातार प्रभावी बना रही है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में जिला प्रशासन ने अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन जेसीबी मशीनें और तीन ट्रैक्टर जब्त किए हैं। कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन के निर्देश पर जिला खनिज उड़नदस्ता दल द्वारा की गई इस कार्रवाई को प्रदेश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का प्रभावी उदाहरण माना जा रहा है।

प्रशासन को देवराजपारा-सधवानी और बंधी-बचरवार क्षेत्र में मुरूम एवं मिट्टी के अवैध उत्खनन तथा सिलपहरी क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन की शिकायतें मिली थीं। जांच के दौरान देवराजपारा-सधवानी से दो जेसीबी, बंधी-बचरवार से एक जेसीबी और सिलपहरी से रेत परिवहन में लगे तीन ट्रैक्टर जब्त किए गए। सभी वाहनों को पुलिस लाइन अमरपुर में सुरक्षित रखा गया है।
इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि सधवानी के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और कलेक्टर के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने तत्काल जांच के निर्देश दिए, जिसके बाद खनिज विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया। इससे शासन की शिकायत निवारण प्रणाली की प्रभावशीलता और प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है।
कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने स्पष्ट कहा है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन या खनिज भंडारण जैसी किसी भी गतिविधि को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी, सतत निरीक्षण और शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हो और शासन को राजस्व हानि न हो।
खनिज विभाग के अनुसार जब्त किए गए सभी वाहनों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। नियमानुसार अर्थदंड और समझौता राशि जमा करने के बाद ही संबंधित वाहनों को छोड़ा जाएगा।
इस अभियान में सहायक खनिज अधिकारी आदित्य मानकर, खनिज निरीक्षक सुजीत कंवर, खनिज सिपाही शिवकुमार लहरे, नगर सैनिक सतीश साहू सहित जिला खनिज उड़नदस्ता दल के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रदेश सरकार का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सुशासन, पारदर्शिता और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अवैध खनन के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्त और त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।
