राज्यपाल रमेन डेका ने विशेष पिछड़ी जनजातियों की शिक्षा पर दिया जोर, स्कूल शिक्षा सचिव से की विस्तृत चर्चा

दूरस्थ क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज लोक भवन में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह से सौजन्य भेंट कर राज्य के विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) बहुल क्षेत्रों में शिक्षा की वर्तमान स्थिति और वहां उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं की समीक्षा की।

बैठक के दौरान राज्यपाल ने जनजातीय अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ, वनांचल और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना राज्य की प्राथमिकता होनी चाहिए।

शिक्षा के साथ अधोसंरचना विकास पर भी जोर

राज्यपाल डेका ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के लिए विद्यालयों, छात्रावासों और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ शिक्षा से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाना आवश्यक है।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान

राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान करने के लिए संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने छात्रावास सुविधाओं, विद्यालयीन अधोसंरचना और शिक्षकों की नियुक्ति जैसे विषयों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि इन क्षेत्रों के बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

शिक्षा से जुड़े हर बच्चे तक पहुंचे सरकार की पहल

राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षा विभाग जनजातीय अंचलों में शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा, जिससे विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों को भी समान अवसर प्राप्त हो सकें और वे भविष्य में समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

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