धान खरीदी केंद्र में खराब कांटा, किसानों को भारी नुकसान; कार्रवाई न होने पर कांग्रेस ने दी धरना की चेतावनी
पखांजूर। PV-84 धान उपार्जन केंद्र में खराब कांटे से धान तौलकर खरीदी किए जाने का मामला सामने आने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई जांच या कार्रवाई न किए जाने पर किसानों में नाराजगी बढ़ गई है। खराब कांटे से अब तक 1152 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, जिससे किसानों को सीधे तौर पर बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है।
किसानों का आरोप है कि केंद्र में लगे खराब कांटे पर वजन एक से डेढ़ किलो कम निकल रहा है। कई किसान अपने घर से 40 किलो धान तौलकर लाए, लेकिन केंद्र में वही धान 36 से 37 किलो दिखाया गया। किसानों ने बताया कि सूखती के नाम पर प्रति क्विंटल 2 किलो और खराब कांटे से खरीदी के दौरान प्रति क्विंटल 3 से 4 किलो अतिरिक्त धान लिया जा रहा है, जिससे कुल मिलाकर लगभग 10 किलो प्रति क्विंटल का नुकसान हो रहा है।
कांग्रेस मंडल अध्यक्ष राजदीप हालदार ने कहा कि खराब कांटे के चलते किसानों की सालभर की मेहनत पर खुली लूट की जा रही है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी में अनियमितताओं की जानकारी मिलने और हंगामा होने के बावजूद प्रशासन की चुप्पी संदेह पैदा करती है। पिछले दो वर्षों में सूखती के नाम पर 50 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के आरोप लग चुके हैं, लेकिन किसी भी दोषी पर कार्रवाई नहीं हुई। अब एक नए घोटाले के पनपने की आशंका भी दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार इस मुद्दे का विरोध कर रही है और मुख्यमंत्री तथा कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपे गए हैं, लेकिन समाधान अभी तक नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में कांग्रेस पार्टी जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक शिकायत दर्ज कराएगी और बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।
मामले का खुलासा 30 नवंबर को तब हुआ जब किसान प्रलभ बड़ाई 40 किलो धान तौलकर केंद्र पहुंचे। केंद्र के कांटे पर वजन 38.500 किलो निकला। शक होने पर उन्होंने घर से तौल कांटा मंगवाकर सभी के सामने तौल कराया, जिसके बाद अनियमितता उजागर हुई और मौके पर हंगामा होने के बाद खरीदी रोक दी गई।
