धमतरी को मिली शिक्षा की बड़ी सौगात: जिले में खुलेगा दूसरा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, आदिवासी छात्रों को मिलेगी मुफ्त आधुनिक शिक्षा

धमतरी। छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य शासन के आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग ने धमतरी जिले में दूसरे एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से वनांचल और दुर्गम इलाकों के प्रतिभाशाली आदिवासी छात्र-छात्राओं को आधुनिक सुविधाओं से युक्त पूरी तरह निःशुल्क आवासीय शिक्षा का लाभ मिलेगा।

पथररीडीह की सफलता के बाद मिला दूसरा EMRS

धमतरी के नगरी विकासखंड स्थित पथररीडीह एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय अपनी उत्कृष्ट शिक्षा, आधुनिक अधोसंरचना, अनुशासित वातावरण और खेल उपलब्धियों के कारण प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ मॉडल स्कूलों में शामिल है। इसी सफलता और क्षेत्र की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए शासन ने जिले में दूसरे EMRS की स्थापना का निर्णय लिया है।

स्मार्ट क्लास, लैब और NEET-JEE की मुफ्त तैयारी

नए विद्यालय में विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जुड़ी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें शामिल हैं—

  • डिजिटल स्मार्ट क्लासरूम
  • आधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं
  • समृद्ध पुस्तकालय
  • खेल एवं व्यक्तित्व विकास की सुविधाएं
  • निःशुल्क छात्रावास, पौष्टिक भोजन, गणवेश और अध्ययन सामग्री
  • स्वास्थ्य सुविधाएं
  • NEET, JEE, CLAT सहित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष कोचिंग
  • अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और करियर काउंसलिंग

स्थानीय युवाओं को भी मिलेगा रोजगार

इस विद्यालय के शुरू होने से केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। विद्यालय संचालन, छात्रावास प्रबंधन, सुरक्षा, रखरखाव और अन्य सेवाओं में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

कलेक्टर ने दिए तेजी से प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को विद्यालय भवन निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि का शीघ्र चिन्हांकन करने और सभी प्रशासनिक व तकनीकी प्रक्रियाएं तय समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि “एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि जनजातीय बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का सशक्त माध्यम है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को महानगरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतिस्पर्धी माहौल मिलेगा।”

शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा फैसला

जिले को मिली इस बड़ी शैक्षणिक सौगात पर जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, ग्रामीणों और आदिवासी समाज के लोगों ने खुशी व्यक्त करते हुए राज्य सरकार का आभार जताया है। उनका कहना है कि यह निर्णय धमतरी के शिक्षा विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा और जनजातीय विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का मजबूत आधार बनेगा।

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