CG Cabinet Decisions: छत्तीसगढ़ कैबिनेट के 19 बड़े फैसले, धान खरीदी से लेकर रेल परियोजना और पर्यटन मिशन तक मिली मंजूरी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, सिविल लाइन रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों, बिजली उपभोक्ताओं, शासकीय कर्मचारियों, उद्योग, पर्यटन, खेल और अधोसंरचना विकास से जुड़े 19 महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने, 360 नए धान उपार्जन केंद्र खोलने, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन और पर्यटन विकास मिशन को मंजूरी देने सहित कई अहम प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया।

कैबिनेट के फैसलों में लगभग 8,000 करोड़ रुपये की रेल परियोजना, राजनांदगांव के सोमनी में करीब 400 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाली मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी और शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी शामिल है।
1. किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगी धान खरीदी
मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी शुरू करने का निर्णय लिया है। सरकार के अनुसार, 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जाएगा।
किसानों की सुविधा के लिए 360 नए उपार्जन केंद्र शुरू किए जाएंगे। इससे प्रदेश में कुल 3100 केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी की जाएगी।
प्रमुख व्यवस्थाएं इस प्रकार हैं:
- पिछले वर्ष पंजीकृत एग्रीस्टेक आईडी वाले किसानों को धान विक्रय के लिए मान्य किया जाएगा।
- ऐसे किसानों को अलग से पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
- एग्रीस्टेक पंजीयन के आधार पर समिति में अलग से ऋण पुस्तिका लाने की जरूरत नहीं होगी।
- डिजिटल क्रॉप सर्वे से धान के रकबे का ऑनलाइन निर्धारण किया जाएगा।
- वास्तविक किसानों से खरीदी सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था अपनाई जाएगी।
इसके साथ ही खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 के अतिशेष धान का नीलामी के माध्यम से निराकरण करने संबंधी मंत्रिमंडलीय उपसमिति के निर्णय का भी अनुसमर्थन किया गया।
2. 200 यूनिट तक बिजली बिल में राहत जारी
मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (एम-ऊर्जा) योजना के अंतर्गत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में मिल रही रियायत जारी रहेगी।
कैबिनेट ने योजना का लाभ लेने के लिए 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत की पात्रता अवधि को 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक करने का निर्णय लिया है। इससे लगभग 7.25 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलती रहेगी।
3. डामर की बढ़ी कीमतों पर सड़क ठेकेदारों को राहत
बिटुमिन यानी डामर की कीमतों में असाधारण वृद्धि को देखते हुए सड़क निर्माण, नवीनीकरण और संधारण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों को मूल्य राहत देने का निर्णय लिया गया है।
- छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत संचालित कार्यों के लिए 130.88 करोड़ रुपये की राहत दी जाएगी।
- यह राहत 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 के दौरान वास्तव में खरीदे और उपयोग किए गए बिटुमिन की मात्रा के आधार पर होगी।
- निर्धारित शर्तों के तहत राज्य वित्त पोषित सड़क कार्यों के लिए 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक खरीदे और उपयोग किए गए बिटुमिन पर भी राहत दी जाएगी।
- इस अतिरिक्त राहत पर लगभग 70 करोड़ से 100 करोड़ रुपये तक खर्च होने का अनुमान है।
इस निर्णय से लंबित सड़क निर्माण कार्यों को गति देने और उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
4. शासकीय कर्मचारियों को मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा
मंत्रिपरिषद ने राज्य के शासकीय सेवकों और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
नई व्यवस्था के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में पात्र कर्मचारियों और उनके परिवारों को कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। पूर्व-अनुमोदन और चिकित्सा दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन एवं डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इससे गंभीर बीमारी और आपातकाल की स्थिति में उपचार के लिए तत्काल आर्थिक व्यवस्था करने की परेशानी कम होगी।
5. मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 को मंजूरी
प्रदेश में सड़क और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं की योजना, गुणवत्ता, निगरानी और संधारण को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 की गाइडलाइंस को मंजूरी दी गई है।
यह मिशन वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए प्रस्तावित है। इसके लिए कुल 500 करोड़ रुपये यानी 100 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का प्रावधान प्रस्तावित है।
लोक निर्माण विभाग नोडल विभाग होगा, जबकि छत्तीसगढ़ रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGRIDCL) क्रियान्वयन एजेंसी होगी।
मिशन के तहत सड़क नेटवर्क का मास्टर प्लान, डेटा आधारित नियोजन, परियोजनाओं के सर्वेक्षण और DPR की तैयारी, GIS आधारित योजना, डिजिटल कार्य निगरानी, गुणवत्ता जांच, सड़क सुरक्षा ऑडिट और PPP मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा।
6. पांच वर्षों के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन
छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन को मंजूरी दी गई है। ‘पर्यटन से समृद्धि’ के लक्ष्य के साथ अगले पांच वर्षों तक संचालित होने वाले इस मिशन के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।
इसके तहत पर्यटन स्थलों पर बेहतर सड़क संपर्क, बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षा और स्वच्छता विकसित करने के साथ होमस्टे, निजी निवेश और पर्यटन उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस पहल से स्थानीय युवाओं, महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिलाने का लक्ष्य है।
7. राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 9 प्रकरणों पर निर्णय
मंत्रिपरिषद ने विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित नौ प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लिए जाने के संबंध में उपसमिति की 30 सितंबर 2026 की बैठक में की गई अनुशंसा के अनुसार आगामी कार्यवाही की अनुमति प्रदान की है।
8. नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने की मंजूरी
कैबिनेट ने रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है।
कुंवरगढ़ को छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों में शामिल ऐतिहासिक स्थल बताया गया है। यह क्षेत्र अपने प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक धरोहरों और तालाबों के लिए जाना जाता है। स्थानीय नागरिक लंबे समय से इसकी ऐतिहासिक पहचान को पुनः स्थापित करने की मांग कर रहे थे।
9. कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को विशेष प्रोत्साहन
मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत 1,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है।
इसका उद्देश्य राज्य के विशाल कोयला भंडार का मूल्यवर्धित उपयोग बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम करना है।
10. लगभग 8,000 करोड़ रुपये की रेल परियोजना को मंजूरी
कैबिनेट ने 295 किलोमीटर लंबी कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CRCL) के माध्यम से शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 8,000 करोड़ रुपये है। इसमें 25 प्रतिशत यानी करीब 2,000 करोड़ रुपये की अंशपूंजी प्रस्तावित है। इसमें छत्तीसगढ़ शासन और रेल मंत्रालय की ओर से लगभग 1,000-1,000 करोड़ रुपये का योगदान दिया जाएगा।
राज्य शासन की हिस्सेदारी मिनरल डेवलपमेंट फंड, जिला खनिज न्यास (DMF) और राज्य बजट के माध्यम से वहन की जाएगी।
इस रेल परियोजना से रेल सुविधा से वंचित क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ उद्योग, पर्यटन, रोजगार और कृषि उपज के लिए नए बाजारों तक पहुंच का विस्तार होने की उम्मीद है।
11. पांच सरकारी परिसंपत्तियों के पुनर्विकास को सैद्धांतिक मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने रिडेवलपमेंट योजना के दूसरे चरण में पांच परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इनमें शामिल हैं:
- शासकीय पोल्ट्री फार्म, दुर्ग
- वेटनरी हॉस्पिटल परिसर, रामानुजगंज
- जशपुर में पुलिस लाइन एवं रणजीता स्टेडियम के पीछे की भूमि
- बुधवारी बाजार, सक्ती
- रुद्री चौक की शासकीय भूमि एवं जर्जर परिसंपत्तियां, धमतरी
इन परियोजनाओं को निजी क्षेत्र की भागीदारी से PPP मॉडल पर विकसित किया जाएगा। उद्देश्य सरकारी भूमि का बेहतर उपयोग, नई शासकीय परिसंपत्तियों का निर्माण, राजस्व में वृद्धि और रोजगार के अवसर सृजित करना है।
12. राजनांदगांव के खपरीकला में 10 एकड़ भूमि आवंटित होगी
कैबिनेट ने राजनांदगांव जिले में भंडारण सुविधाओं के विस्तार के लिए ग्राम खपरीकला में केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को 10 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
भूमि का आवंटन निर्धारित शर्तों के अनुसार बाजार मूल्य के 75 प्रतिशत प्रब्याजि, वार्षिक भू-भाटक तथा लागू अधोसंरचना और पर्यावरण उपकर के आधार पर किया जाएगा।
इससे कृषि उपज सहित अन्य वस्तुओं के सुरक्षित भंडारण की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
13. सोमनी में 400 करोड़ रुपये की फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी
राजनांदगांव जिले के ग्राम सोमनी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के माध्यम से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इसके लिए कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग को राजगामी संपदा की 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। परियोजना में लगभग 400 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश है।
इस परियोजना के अंतर्गत किसानों से सीधे फल खरीदने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। अनुमान है कि इससे 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष और 5,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। फल उत्पादकों को प्रसंस्करण और विपणन के लिए बेहतर सुविधाएं तथा बाजार उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
14. सुशासन एवं अभिसरण विभाग में तीन नए पद
मंत्रिपरिषद ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विभागाध्यक्ष कार्यालय के लिए तीन नए पद सृजित करने को मंजूरी दी है। इनमें आयुक्त/संचालक का एक पद, अपर संचालक का एक पद और अपर संचालक स्तर के विशेषज्ञ का एक पद शामिल है।
इन पदों से प्रशासनिक नेतृत्व, विभागीय समन्वय, पर्यवेक्षण और लोक प्रशासन एवं विधि संबंधी विशेषज्ञता को मजबूत करने का लक्ष्य है।
15. वन मुख्यालय में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का अस्थायी पद
कैबिनेट ने नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन के वन मुख्यालय में पे-लेवल-16 के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक अस्थायी पद एक वर्ष के लिए सृजित करने की मंजूरी दी है।
इससे पीएम गति-शक्ति, प्रगति और परिवेश पोर्टल से जुड़े कार्यों के त्वरित निष्पादन, समन्वय और निगरानी में मदद मिलेगी।
16. दिवंगत चिकित्सा प्राध्यापक के परिवार को पेंशन संबंधी राहत
मंत्रिपरिषद ने स्वर्गीय डॉ. राकेश मोहन चंदोला, सह प्राध्यापक, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर की 19 अक्टूबर 1987 से 7 जनवरी 2022 तक की सेवा को परिवार पेंशन के प्रयोजन के लिए नियमित सेवा मानने का निर्णय लिया है।
इसके आधार पर उनके पात्र परिवारजन को परिवार पेंशन, एरियर्स और नियमानुसार ब्याज के भुगतान की स्वीकृति प्रदान की गई है।
17. मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये
मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के प्रारूप को मंजूरी दी है। इसके तहत वर्ष 2026-27 के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
मिशन का उद्देश्य प्रतिभा की पहचान से लेकर पदक जीतने तक खिलाड़ियों को चरणबद्ध प्रशिक्षण और सहायता उपलब्ध कराना है।
प्रमुख प्रावधान:
- स्कूलों और चयन शिविरों के माध्यम से टैलेंट हंट।
- मुख्यमंत्री ट्रॉफी के जरिए खेल प्रतिभाओं की पहचान।
- फीडर सेंटरों में बुनियादी प्रशिक्षण।
- राज्य खेल अकादमियों में खेल-विशिष्ट उन्नत प्रशिक्षण।
- उच्च प्रदर्शन केंद्रों में विशेषज्ञ कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस और प्रदर्शन विश्लेषण।
- 10 प्रमुख खेल विधाओं में कोर और डेवलपमेंट समूह बनाकर खिलाड़ियों को लक्षित सहायता।
पहले चरण में अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर और जशपुर में फीडर सेंटर स्थापित किए जाएंगे। खिलाड़ियों की प्रगति और सहायता की नियमित समीक्षा प्रतियोगिता परिणामों तथा निर्धारित प्रदर्शन मानकों के आधार पर होगी।
18. औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियमों में संशोधन
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी दी है।
इससे औद्योगिक भूमि के उपयोग को सरल बनाने, भूखंडों की उपलब्धता बेहतर करने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। संशोधन से औद्योगिक भूमि एवं भवन संबंधी विवाद कम करने तथा खाली या अतिरिक्त भूमि का उत्पादक उपयोग और पारदर्शी ई-नीलामी के माध्यम से आवंटन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
19. कृषक उन्नति योजना में संशोधन
मंत्रिपरिषद ने खरीफ-2026 के लिए कृषक उन्नति योजना में संशोधन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी है। धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी।
योजना के तहत धान फसल पर आदान सहायता राशि प्रति क्विंटल के स्थान पर प्रति एकड़ के मान से देने का निर्णय लिया गया है।
सरकार के अनुसार, इस बदलाव से किसानों को प्रोत्साहन मिलने के साथ फसल विविधीकरण, आय और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण और नई कृषि तकनीकों में निवेश को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य है।
छत्तीसगढ़ कैबिनेट के फैसलों से विकास को मिलेगी नई दिशा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कृषि, बिजली, स्वास्थ्य, सड़क, रेल, पर्यटन, उद्योग, खेल और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में किसानों को धान खरीदी की सुविधा देने, बिजली उपभोक्ताओं को राहत जारी रखने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और प्रदेश की अधोसंरचना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।
