सुकमा में मूसलाधार बारिश से हालात चुनौतीपूर्ण, 1400 से अधिक लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया

सुकमा। कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और जलभराव के बीच सुकमा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रभावित इलाकों में प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार मैदानी स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। अधिकारी संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर हालात की निगरानी कर रहे हैं और जरूरतमंदों तक भोजन, पेयजल तथा स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

CM साय ने कलेक्टर से ली जिले की स्थिति की जानकारी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुकमा में बारिश और जलभराव की स्थिति का संज्ञान लेते हुए कलेक्टर अमित कुमार से फोन पर विस्तृत चर्चा की। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री को जिले की भौगोलिक परिस्थितियों, प्रभावित क्षेत्रों और चल रहे राहत-बचाव कार्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित ग्रामीणों की सुरक्षा, भोजन और स्वास्थ्य व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राहत शिविरों में सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

1400 से अधिक लोगों को सुरक्षित आश्रय

सुकमा-कोंटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन प्रभावित होने के बाद जिला प्रशासन ने तेजी से राहत अभियान शुरू किया। जिले में 1400 से अधिक प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं।

कोंटा विकासखंड में:

  • सामुदायिक भवन कोंटा में करीब 550 लोग
  • आसिरगुड़ा में करीब 220 लोग
  • बालक आश्रम एर्राबोर में करीब 60 लोग

के सुरक्षित ठहरने की व्यवस्था की गई है।

वहीं सुकमा जिला मुख्यालय में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जनपद शाला, शासकीय पीजी कॉलेज और पुसामीपारा में 600 से अधिक प्रभावित लोगों को आश्रय दिया गया है।

शिविरों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

बोट से रेस्क्यू, घर-घर पहुंचाया भोजन और पेयजल

राहत अभियान में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों ने भी मोर्चा संभाला। नगरपालिका अध्यक्ष हूंगाराम मरकाम और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि धनीराम बरसे ने पावारास, राजवाड़ा, पुसामीपारा और शबरीनगर जैसे संवेदनशील इलाकों का दौरा किया।

नगर सेना एसडीआरएफ की टीम ने बोट के जरिए जलमग्न इलाकों में पहुंचकर 26 नागरिकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया।

सुकमा तहसीलदार गिरीश निंबालकर भी प्रशासनिक टीम के साथ बोट से बाढ़ प्रभावित बस्तियों तक पहुंचे और घर-घर फूड पैकेट व शुद्ध पेयजल पहुंचाया।

जिला प्रशासन की अपील—घबराएं नहीं, सतर्क रहें

बारिश और जलभराव को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं और जरूरी दवाइयां, पीने का पानी तथा सूखा राशन सुरक्षित स्थान पर रखें।

प्रशासन ने नागरिकों से मौसम संबंधी अलर्ट पर नजर बनाए रखने और आपात स्थिति में ग्राम पंचायत, पटवारी या राजस्व दल से तत्काल संपर्क करने की अपील की है।

सुकमा जिला प्रशासन की आपातकालीन हेल्पलाइन: 07864284012

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन का उपयोग करें और जलमग्न या जोखिम वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें।

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