PVR पर ₹75 हजार जुर्माना: फिल्म से पहले 17 मिनट विज्ञापन दिखाना पड़ा महंगा

https://asiannewsbharat.com/desh-videsh/pvr-cinemas-17-minutes-advertisement-consumer-court-75000-fine-hyderabad-case-69047

हैदराबाद। फिल्म शुरू होने से पहले लंबे समय तक विज्ञापन और ट्रेलर दिखाने के मामले में PVR Cinemas को उपभोक्ता आयोग से झटका लगा है। हैदराबाद जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक मामले में PVR को कुल ₹75 हजार का भुगतान करने का आदेश दिया है।

17 मिनट देरी से शुरू हुई फिल्म

मामला हैदराबाद के एक वकील से जुड़ा है, जिन्होंने रात 10:35 बजे के शो के लिए PVR में दो टिकट बुक किए थे। शिकायतकर्ता समय पर थिएटर पहुंचकर अपनी सीट पर बैठ गए, लेकिन फिल्म शुरू होने से पहले लगातार विज्ञापन और ट्रेलर चलते रहे।

शिकायत के अनुसार, फिल्म निर्धारित समय से करीब 17 मिनट देर से शुरू हुई, जिससे उनका कार्यक्रम प्रभावित हुआ और उन्हें देर रात घर पहुंचना पड़ा।

उपभोक्ता आयोग में दर्ज कराई शिकायत

शिकायतकर्ता ने दलील दी कि टिकट खरीदने वाले दर्शकों को निर्धारित समय पर फिल्म देखने की सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने अतिरिक्त समय तक व्यावसायिक विज्ञापन दिखाए जाने को असुविधाजनक बताते हुए उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।

उन्होंने परेशानी, असुविधा और कानूनी खर्च के लिए मुआवजे की मांग की।

PVR ने क्या दलील दी?

मामले में PVR की ओर से कहा गया कि फिल्म शुरू होने से पहले विज्ञापन, ट्रेलर और जनहित संदेश दिखाना सिनेमा संचालन का हिस्सा है। कंपनी ने इसे अपने व्यावसायिक अधिकार के दायरे में बताया। PVR ने यह भी कहा कि कुछ संदेश जनहित से संबंधित थे।

आयोग ने माना अनुचित व्यापारिक व्यवहार

उपभोक्ता आयोग ने PVR की दलीलों को स्वीकार नहीं किया। आयोग के अनुसार, निर्धारित समय से अधिक अवधि तक विज्ञापन दिखाने से दर्शकों को असुविधा हो सकती है और इसे अनुचित व्यापारिक व्यवहार माना जा सकता है।

आयोग ने PVR को शिकायतकर्ता को:

  • ₹20,000 — परेशानी और असुविधा के मुआवजे के रूप में
  • ₹5,000 — मुकदमे के खर्च के रूप में
  • ₹50,000 — दंडात्मक हर्जाने के रूप में

कुल ₹75,000 का भुगतान करने का आदेश दिया है।

भविष्य में ऐसी गतिविधि से बचने के निर्देश

आयोग ने PVR को भविष्य में इस तरह की गतिविधियों से बचने के निर्देश भी दिए हैं। आदेश के अनुसार, ₹50,000 की दंडात्मक राशि जिला उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराई जाएगी।

यह मामला टिकट खरीदकर फिल्म देखने वाले दर्शकों को मिलने वाली सेवा और निर्धारित शो टाइम से जुड़े उपभोक्ता अधिकारों के संदर्भ में सामने आया है।

About The Author