Narendra Modi Daily Routine: 76 की उम्र में भी कैसी है PM मोदी की दिनचर्या? सुबह 4:30 बजे से शुरू होता है दिन

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2026 को 76 वर्ष के हो गए। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका सार्वजनिक कार्यक्रम काफी व्यस्त नजर आता है। सितंबर 2026 में नई दिल्ली में हुए 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। आधिकारिक रिकॉर्ड में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी अलग-अलग मुलाकातें दर्ज हैं।

ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि प्रधानमंत्री की रोजमर्रा की दिनचर्या कैसी होती है? वह कितने बजे उठते हैं, फिटनेस के लिए क्या करते हैं, खान-पान कैसा है और इतने व्यस्त कार्यक्रम के बीच बैठकों व भाषणों की तैयारी किस तरह होती है।

सार्वजनिक रूप से उपलब्ध पुराने साक्षात्कारों, रिपोर्टों और RTI से जुड़ी जानकारियों से उनकी दिनचर्या के कुछ पहलुओं की तस्वीर सामने आती है।

सुबह जल्दी शुरू होता है दिन

नरेंद्र मोदी लंबे समय से सुबह जल्दी उठने की अपनी आदत के बारे में बताते रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, वह आमतौर पर सुबह 4:30 से 4:45 बजे के बीच उठने की बात कह चुके हैं।

सुबह की दिनचर्या में टहलना, योग और ध्यान जैसे अभ्यासों का उल्लेख मिलता है। सूर्य नमस्कार भी उनके फिटनेस रूटीन का हिस्सा रहा है।

योग को लेकर प्रधानमंत्री ने जून 2026 में भी कहा था कि नियमित योग शरीर को स्वस्थ और मन को शांत रखने में मदद करता है तथा इसे दिनचर्या का हिस्सा बनाने से जीवन संतुलित और ऊर्जावान बनता है।

योग, ध्यान और फिटनेस पर जोर

मोदी की सार्वजनिक दिनचर्या से जुड़े विवरणों में योग, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार और मेडिटेशन का बार-बार उल्लेख मिलता है।

2018 में विराट कोहली के फिटनेस चैलेंज के दौरान प्रधानमंत्री आवास में बने वॉकिंग ट्रैक का वीडियो भी प्रधानमंत्री ने साझा किया था। इससे उनकी नियमित शारीरिक गतिविधि में रुचि की जानकारी सार्वजनिक हुई थी।

प्रधानमंत्री आवास से जुड़े कुछ सार्वजनिक वीडियो में उन्हें गाय और मोर को दाना खिलाते हुए भी देखा गया है।

खाने में सादा और शाकाहारी भोजन

नरेंद्र मोदी के खान-पान को लेकर प्रकाशित किताबों और पुरानी रिपोर्टों में खिचड़ी, कढ़ी, उपमा, खाखरा और पोहा जैसे व्यंजनों का उल्लेख मिलता है। अदरक वाली चाय को भी उनकी पसंद से जोड़ा जाता रहा है।

हाल की कुछ रिपोर्टों में मौसमी फल, मखाना, उबली सब्जियां, साबुत अनाज और सहजन के पराठे जैसे खाद्य पदार्थों का भी जिक्र किया गया है।

हालांकि, प्रधानमंत्री का पूरा दैनिक मेन्यू सार्वजनिक नहीं है। इसलिए इन सभी खाद्य पदार्थों को उनकी रोज की स्थायी डाइट मानना उचित नहीं होगा।

उपवास के दौरान बदल जाता है खान-पान

धार्मिक अवसरों पर प्रधानमंत्री के उपवास रखने की जानकारी भी सार्वजनिक रूप से सामने आती रही है। खासकर नवरात्रि के दौरान उनके भोजन में बदलाव की बात कही जाती है।

इसलिए सामान्य दिनों की डाइट और धार्मिक व्रत के दौरान खान-पान को एक जैसा नहीं माना जा सकता।

PM मोदी का खाना कौन बनाता है?

नरेंद्र मोदी के खान-पान से जुड़ी चर्चाओं में उनके लंबे समय से जुड़े कुक बद्री मीणा का नाम भी सामने आता रहा है।

रिपोर्टों के मुताबिक, बद्री मीणा 1990 के दशक में गुजरात आए थे और इसी दौरान उनका मोदी से संपर्क हुआ। बाद में वह उनके लिए खाना बनाने लगे।

मोदी की पसंद में गुजराती और दक्षिण भारतीय भोजन तथा हल्का खाना होने का उल्लेख कई रिपोर्टों में मिलता है। हालांकि, प्रधानमंत्री की मौजूदा रसोई व्यवस्था और रोजाना के भोजन की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं है।

कपड़ों का चुनाव भी चर्चा में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहनावा भी उनकी सार्वजनिक छवि का एक चर्चित हिस्सा रहा है। उनके कुर्ते और जैकेट अक्सर सुर्खियों में रहते हैं।

अहमदाबाद के दर्जी बिपिन चौहान और उनके भाई जितेंद्र चौहान के साथ मोदी के पुराने संबंधों का उल्लेख कई किताबों और रिपोर्टों में मिलता है।

मोदी ने अपने आधी आस्तीन वाले कुर्ते को लेकर व्यावहारिक कारण भी बताया है—इसे धोना और साथ ले जाना अपेक्षाकृत आसान होता है।

यानी उनके पहनावे में व्यक्तिगत पसंद के साथ सुविधा का पहलू भी जुड़ा हुआ बताया जाता है।

प्रधानमंत्री के भाषण कौन तैयार करता है?

प्रधानमंत्री के भाषणों को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि इन्हें आखिर कौन लिखता है।

2021 में RTI से जुड़ी जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम की प्रकृति के हिसाब से भाषणों के लिए अलग-अलग लोगों, अधिकारियों, विभागों और संगठनों से इनपुट लिए जाते हैं। इसके बाद भाषण को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में प्रधानमंत्री की भूमिका रहती है।

इसका अर्थ यह नहीं है कि हर भाषण पूरी तरह अकेले प्रधानमंत्री द्वारा शुरू से लिखा जाता है। विभिन्न स्तरों से मिले इनपुट और सुझावों के आधार पर भाषण तैयार करने की प्रक्रिया चलती है।

प्रधानमंत्री के आधिकारिक भाषण PMO की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराए जाते हैं।

दिनभर का कार्यक्रम पहले से होता है तैयार

प्रधानमंत्री के पद की प्रकृति को देखते हुए बैठकों, यात्राओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों का समय प्रबंधन महत्वपूर्ण होता है।

सितंबर 2026 का BRICS शिखर सम्मेलन इसका एक उदाहरण रहा। 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में हुए सम्मेलन के दौरान मोदी ने BRICS की आधिकारिक बैठकों के साथ कई देशों के नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकातें भी कीं। आधिकारिक रिकॉर्ड में चीन, रूस, मलेशिया और अन्य देशों के नेताओं के साथ उनकी बैठकें दर्ज हैं।

ऐसे व्यस्त कार्यक्रमों में बैठकों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के बीच समय का समन्वय पहले से तैयार शेड्यूल के जरिए किया जाता है।

विदेश यात्रा में भी रूटीन पर ध्यान

मोदी की विदेश यात्राओं से जुड़ी रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि वह यात्रा के दौरान अपने शरीर की समय-घड़ी यानी बायोलॉजिकल क्लॉक को गंतव्य के समय के अनुरूप ढालने की कोशिश करते हैं।

हालांकि, विदेश यात्राओं में वास्तविक दिनचर्या मेजबान देश के कार्यक्रम, बैठकों और यात्रा समय के अनुसार बदलना स्वाभाविक है।

क्या प्रधानमंत्री छुट्टी लेते हैं?

प्रधानमंत्री की छुट्टियों को लेकर 2016 में RTI के जरिए जानकारी मांगी गई थी। उस समय PMO ने बताया था कि नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद कोई छुट्टी नहीं ली थी और प्रधानमंत्री को हर समय ड्यूटी पर माना जाता है।

लेकिन यह 2016 का RTI जवाब था। इसलिए इसे 2026 तक की पूरी अवधि का अद्यतन आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।

76 की उम्र में दिनचर्या की खास बातें

नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दिनचर्या को देखें तो इसमें कुछ बातें लगातार सामने आती हैं—सुबह जल्दी उठना, योग और शारीरिक गतिविधि, ध्यान, नियंत्रित खान-पान और व्यवस्थित समय प्रबंधन।

BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में उनका लगातार बैठकों और कार्यक्रमों में शामिल होना उनकी सार्वजनिक कार्यशैली की एक झलक देता है। हालांकि, किसी व्यक्ति की ऊर्जा या फिटनेस का आकलन केवल उसकी दिनचर्या देखकर करना उचित नहीं होगा, क्योंकि उम्र, स्वास्थ्य, काम की प्रकृति और व्यक्तिगत परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

फिलहाल सार्वजनिक जानकारी से इतना जरूर पता चलता है कि प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली में नियमितता, योग और समय प्रबंधन लंबे समय से प्रमुख हिस्से रहे हैं।

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