36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन, महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक सहायता; सुकन्या और स्वामित्व योजना के हितग्राही भी हुए लाभान्वित
जशपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का व्यापक उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और महिलाओं की भूमिका को और अधिक मजबूत बनाना है। महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की बहनें आज विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तकनीक, पारदर्शिता और सुशासन के माध्यम से आम नागरिकों तक योजनाओं और सेवाओं की पहुंच को आसान बना रही है। वहीं महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, बेटियों के सुरक्षित भविष्य और ग्रामीण परिवारों को संपत्ति का अधिकार दिलाने की दिशा में भी लगातार काम किया जा रहा है।
शासन की सेवाएं अब और आसान, समाधान भी तेज
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य शासन की सुविधाओं को सरल और पारदर्शी तरीके से आम लोगों तक पहुंचाना है। इसी दिशा में सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने कहा कि इससे नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है और सेवाओं तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक सरल बनी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। वहीं, आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरलता से पहुंचे और उसकी समस्या का समयबद्ध समाधान हो, इसी सोच के साथ तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जा रहा है।
महिला स्व-सहायता समूहों को मिला आर्थिक संबल
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिला स्व-सहायता समूहों को उनकी आर्थिक एवं आजीविका गतिविधियों के विस्तार के लिए सहायता राशि के चेक प्रदान किए।
मोंगरा स्व-सहायता समूह, भगोरा, वैष्णवी स्व-सहायता समूह, कंदईबहार और चांद स्व-सहायता समूह, कंदईबहार को 1.50-1.50 लाख रुपये की सहायता दी गई। वहीं प्रतिज्ञा समूह, बड़ा बस्ती को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने महिला समूहों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ महिलाओं की आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इस आर्थिक सहायता से समूहों को स्वरोजगार और आजीविका से जुड़े कार्यों का विस्तार करने में मदद मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर आय के नए अवसर भी सृजित होंगे।
बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना
कार्यक्रम में सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बालिका मीनाक्षी यादव और श्रेया पैंकरा को खाता पासबुक प्रदान की गई।
इस अवसर पर बेटियों के सुरक्षित भविष्य और वित्तीय सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
स्वामित्व योजना के हितग्राहियों को मिले अधिकार अभिलेख
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में स्वामित्व योजना के अंतर्गत पांच हितग्राहियों को पट्टे वितरित किए। इनमें ग्राम बोखी की हरावती, वानगांव की जगमनी, कोनपारा की राजमनी, भगोरा की लक्ष्मी और तेलाइन की सुमित्रा शामिल हैं।
इससे हितग्राहियों को अपनी संपत्ति पर अधिकार मिलने के साथ दस्तावेजी सुरक्षा भी प्राप्त होगी।
‘पूरे छत्तीसगढ़ की बहनों के विष्णु भैया हैं मुख्यमंत्री’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने उपस्थित माताओं और बहनों का आत्मीय अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिलाओं के सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन को शासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा है।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता मिल रही है। वहीं महतारी सदन के जरिए गांवों में महिलाओं को बैठकों, प्रशिक्षण और विभिन्न गतिविधियों के लिए सम्मानजनक स्थान उपलब्ध कराया जा रहा है।
श्रीमती गोमती साय ने पंडरीपानी में एसबीआई की शाखा शुरू होने को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सौगात बताया और इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पूरे छत्तीसगढ़ की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं और बहनों के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन एवं कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्र की माताएं-बहनें उपस्थित थीं।
