चिन्मय अमृत यात्रा के 75 वर्ष पूरे, भोपाल से झांसी के लिए रवाना
भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि स्वामी श्री चिन्मयानंदजी महाराज महान संत, विचारक और आध्यात्मिक विभूति थे, जिन्होंने भारतीय संस्कृति और विशेष रूप से श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को भोपाल से चिन्मय अमृत यात्रा के अगले चरण के लिए रवाना होने के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास से केसरिया झंडी दिखाकर यात्रा को उसके अगले गंतव्य झांसी के लिए रवाना किया।
75 वर्षों की आध्यात्मिक यात्रा
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंदजी के मार्गदर्शन में देशभर में भारतीय संस्कृति और गीता के प्रचार-प्रसार के लिए निकाली जा रही चिन्मय अमृत यात्रा के 75 वर्ष पूरे हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय समाज, युवाओं के नैतिक विकास और देश की सांस्कृतिक धरोहर श्रीमद्भगवद्गीता के प्रचार में स्वामी चिन्मयानंदजी का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
मिशन के सामाजिक कार्यों की सराहना
मुख्यमंत्री ने स्वामी चिन्मयानंद मिशन द्वारा शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मिशन द्वारा देशभर में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों सहित विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश सरकार की ओर से मिशन के सभी सामाजिक अभियानों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी को स्वामी चिन्मयानंदजी के बताए सत्मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर स्वामी चिन्मयानंद मिशन के संरक्षक स्वामी श्री मित्रानंद सरस्वती जी महाराज सहित मिशन के अन्य अनुयायी भी उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ से मध्यप्रदेश होते हुए झांसी पहुंची यात्रा
चिन्मय अमृत यात्रा छत्तीसगढ़ से रवाना होकर मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश करने के बाद रीवा, सतना, बैतूल और नर्मदापुरम होते हुए भोपाल पहुंची। अब यह यात्रा झांसी पहुंचेगी और वहां से आगे अपने अगले चरण की ओर बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने यात्रा को रवाना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार मिशन द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक और सांस्कृतिक अभियानों की सराहना करती है और उनके लिए हर संभव शुभकामनाएं देती है।
