अगरबत्ती मशीन के कारोबार पर सवाल: बड़े दावों के बाद कंपनी पर ग्राहकों ने लगाए गंभीर आरोप

रिपोर्ट: जनमत टुडे

अगरबत्ती मशीन बेचकर रोजगार और बेहतर कमाई का सपना दिखाने वाली भारत ग्रुप कंपनी अब कुछ ग्राहकों की शिकायतों और गंभीर आरोपों के चलते सवालों के घेरे में है। मशीन खरीदने वाले कई ग्राहकों का दावा है कि कंपनी की ओर से उत्पादन क्षमता, आमदनी और तकनीकी सहयोग को लेकर किए गए वादे मशीन मिलने के बाद उनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।

80 से 100 किलो उत्पादन का दावा, ग्राहकों का दावा कुछ और शिकायतकर्ता संजीव राम के मुताबिक, कंपनी की ओर से बताया गया था कि मशीन से करीब 8 से 10 घंटे में 80 से 100 किलो तक उत्पादन किया जा सकता है और इससे प्रतिदिन अच्छी आमदनी संभव है। हालांकि, ग्राहकों का आरोप है कि मशीन का वास्तविक उत्पादन कंपनी द्वारा बताए गए आंकड़ों से काफी कम रहा।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उत्पादन लक्ष्य हासिल नहीं होने के बावजूद कंपनी की ओर से समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।

मशीन बिकने के बाद सहयोग नहीं मिलने का आरोप ग्राहकों ने यह भी आरोप लगाया है कि मशीन की बिक्री के बाद कंपनी के अधिकारियों से संपर्क करना मुश्किल हो गया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, कई बार फोन और अन्य माध्यमों से संपर्क करने के बावजूद अपेक्षित तकनीकी सहायता नहीं मिली।

कुछ ग्राहकों का दावा है कि शिकायत करने पर उन्हें एग्रीमेंट रद्द करने और कानूनी कार्रवाई जैसी बातों का सामना करना पड़ा। हालांकि, इन आरोपों पर कंपनी का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

भुगतान को लेकर भी विवाद इस पूरे मामले में तैयार माल के भुगतान को लेकर भी विवाद सामने आया है। ग्राहकों के अनुसार, कंपनी की ओर से यह तर्क दिया जाता है कि तैयार उत्पाद में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट की संभावना होने के कारण भुगतान में एक से दो महीने का समय लग सकता है।

वहीं, शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि भुगतान रोकने के लिए इस व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा रहा है। यही मुद्दा अब खरीदारों और कंपनी के बीच विवाद का एक प्रमुख कारण बनता जा रहा है।

बिजनेस मॉडल पर भी उठे सवाल ग्राहकों ने मशीन की कीमत, पार्ट-टाइम काम से होने वाले नुकसान और मशीन को बार-बार बंद करने से उसमें खराबी आने जैसे तर्कों पर भी सवाल उठाए हैं।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मशीन खरीदने से पहले उन्हें जिस तरह का बिजनेस मॉडल और कमाई का अनुमान बताया गया था, वास्तविक परिस्थितियां उससे काफी अलग हैं।

उपभोक्ता मंच जाने की तैयारी अब शिकायतकर्ता सामूहिक रूप से संबंधित सरकारी विभागों और उपभोक्ता मंचों में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। उनका आरोप है कि आकर्षक कमाई और रोजगार के वादों के आधार पर मशीनें बेचने के बाद उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

फिलहाल पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि कंपनी ने ग्राहकों से वास्तव में क्या वादे किए थे, एग्रीमेंट में क्या शर्तें थीं और मशीनों का प्रदर्शन उन दावों के अनुरूप रहा या नहीं।

नोट: यह रिपोर्ट शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध दावों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और कंपनी का आधिकारिक पक्ष इस रिपोर्ट के प्रकाशन तक उपलब्ध नहीं है। कंपनी का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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