छत्तीसगढ़ में उद्योगों की नई उड़ान: ₹8 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश प्रस्ताव, टेक्सटाइल से AI तक बन रहा नया औद्योगिक हब
रायपुर। छत्तीसगढ़ अब अपनी पारंपरिक खनिज और इस्पात आधारित पहचान से आगे बढ़ते हुए टेक्सटाइल, गारमेंट, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, AI और डेटा सेंटर जैसे नए क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। आधिकारिक नीति दस्तावेज में भी निवेश-अनुकूल माहौल, स्थानीय रोजगार, कौशल विकास, लॉजिस्टिक्स और उभरते क्षेत्रों को बढ़ावा देने को प्रमुख उद्देश्य बताया गया है।
नवा रायपुर में टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट, ₹235 करोड़ का निवेश
छत्तीसगढ़ के बदलते औद्योगिक परिदृश्य का बड़ा उदाहरण नवा रायपुर टेक्सटाइल पार्क है। 25 जून 2026 को टेक्सटाइल पार्क में पहली गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमिपूजन किया गया। तमिलनाडु की Swift Textiles Private Limited इस परियोजना में करीब ₹235 करोड़ का निवेश कर रही है और इससे लगभग 4,650 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
यह परियोजना मुख्य रूप से निट गारमेंट और बच्चों के कपड़ों के निर्माण तथा यूरोप और अमेरिका के बाजारों में निर्यात पर केंद्रित बताई गई है।
नवा रायपुर में विकसित किया जा रहा टेक्सटाइल पार्क करीब 81 एकड़ में फैला है। यहां टेक्सटाइल, गारमेंट, तकनीकी वस्त्र और सहायक उद्योगों के लिए औद्योगिक भूखंड एवं आवश्यक बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
निवेशकों का बढ़ रहा भरोसा
राज्य के निवेश प्रोत्साहन पोर्टल के अनुसार, औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत टेक्सटाइल और गारमेंट क्षेत्र में करीब ₹973 करोड़ के निवेश प्रतिबद्धताओं की जानकारी सामने आई है, जिनसे 14 हजार से अधिक रोजगार की संभावना बताई गई है। यह संकेत देता है कि राज्य में रोजगार-प्रधान विनिर्माण को बढ़ावा देने की कोशिशों को निवेशकों की प्रतिक्रिया मिल रही है।
वहीं राज्य सरकार की ओर से हालिया औद्योगिक गतिविधियों के संदर्भ में ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आने की बात कही गई है। इन प्रस्तावों में डेटा सेंटर, IT, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य क्षेत्रों का उल्लेख है।
3,009 औद्योगिक इकाइयों और 50,807 रोजगार का दावा
दिए गए सरकारी विवरण में पिछले ढाई वर्षों के दौरान प्रदेश में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और 50,807 प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का दावा किया गया है। इसी तरह 264 औद्योगिक परियोजनाओं से करीब ₹8.22 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव और 1.72 लाख से अधिक संभावित रोजगार की बात कही गई है।
फैक्ट-चेक नोट: इन दोनों विस्तृत आंकड़ों की मुझे उपलब्ध प्राथमिक सरकारी ऑनलाइन स्रोतों में स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली। इसलिए वेबसाइट पर इन्हें प्रकाशित करते समय इन्हें “सरकार के विभागीय आंकड़ों के अनुसार” लिखना ज्यादा सुरक्षित और पत्रकारिता की दृष्टि से उचित होगा।
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में बड़े प्रोत्साहन
छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में निवेश को आकर्षित करने के लिए अलग-अलग श्रेणियों और क्षेत्रों के अनुसार वित्तीय प्रोत्साहनों का प्रावधान है। नीति 1 नवंबर 2024 से 31 मार्च 2030 तक प्रभावी है। इसका लक्ष्य प्रदेश के सभी विकासखंडों और जिलों में औद्योगिक गतिविधियों का संतुलित विस्तार करना है।
नीति के लॉन्च के समय सरकार ने बताया था कि पात्र परिस्थितियों में विनिर्माण क्षेत्र के लिए स्थायी पूंजी निवेश के 100 प्रतिशत तक और सेवा क्षेत्र के लिए 150 प्रतिशत तक समग्र औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। हालांकि यह किसी भी उद्योग को स्वतः मिलने वाली सब्सिडी नहीं है; पात्रता उद्योग के आकार, क्षेत्र, सेक्टर और विकासखंड की श्रेणी जैसी शर्तों पर निर्भर करती है।
टेक्सटाइल, AI, फार्मा और सेमीकंडक्टर पर फोकस
नई औद्योगिक नीति में पारंपरिक उद्योगों के साथ भविष्य के क्षेत्रों पर भी जोर दिया गया है। सरकारी निवेश पोर्टल पर टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और IT जैसे क्षेत्रों को निवेश के प्रमुख अवसरों के रूप में प्रदर्शित किया गया है।
राज्य में AI और डेटा सेंटर क्षेत्र को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। निवेश छत्तीसगढ़ के आधिकारिक पोर्टल पर नवा रायपुर में भारत के पहले AI Data Centre Park की दिशा में पहल का उल्लेख है। इसी तरह सेमीकंडक्टर और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग में निवेश को भी राज्य के नए औद्योगिक विस्तार का हिस्सा बताया गया है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा
सरकार निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर भी जोर दे रही है। औद्योगिक नीति में सिंगल-विंडो सिस्टम, ऑनलाइन अनुमतियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने की व्यवस्था का उल्लेख है।
इसके अलावा 2026 में राज्य विधानसभा द्वारा Chhattisgarh Ease of Doing Business Bill, 2026 पारित किए जाने की जानकारी भी सरकारी निवेश पोर्टल पर दी गई है। इसका उद्देश्य खासकर MSME के लिए अनुपालन बोझ कम करना और अनुमोदन प्रक्रिया को तेज करना बताया गया है।
23 नए औद्योगिक क्षेत्रों से क्षेत्रीय विस्तार
औद्योगिक विकास को केवल रायपुर और बड़े शहरों तक सीमित न रखने के लिए राज्य में नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ जनमन के मार्च 2026 अंक के अनुसार, वित्तीय वर्ष में 23 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए ₹250 करोड़ का प्रावधान किया गया था।
इसका उद्देश्य बस्तर से सरगुजा तक अलग-अलग क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर तैयार करना है।
रोजगार पर सबसे ज्यादा जोर
छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति का एक महत्वपूर्ण पहलू स्थानीय रोजगार है। नीति के अनुसार स्थानीय युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने और बड़ी संख्या में रोजगार पैदा करने वाली इकाइयों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है। नीति में अगले पांच वर्षों में 5 लाख नए औपचारिक क्षेत्र के रोजगार का लक्ष्य भी रखा गया था।
टेक्सटाइल और गारमेंट क्षेत्र इस रणनीति में विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि यह अपेक्षाकृत अधिक श्रम-प्रधान उद्योग है। नवा रायपुर की पहली गारमेंट यूनिट से ही 4,650 रोजगार की संभावना इसका बड़ा उदाहरण है।
Vision 2047 की दिशा में बदलती औद्योगिक पहचान
छत्तीसगढ़ की औद्योगिक रणनीति अब केवल खनिज और इस्पात तक सीमित नहीं दिखाई देती। टेक्सटाइल से लेकर सेमीकंडक्टर, AI, डेटा सेंटर, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और लॉजिस्टिक्स तक नए क्षेत्रों में विस्तार की कोशिश राज्य की अर्थव्यवस्था में विविधता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
