छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार: वीबी-जी राम जी योजना से गांवों में बनेंगे स्कूल, पुस्तकालय, कोल्ड स्टोरेज और पशु चिकित्सालय
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना के तहत छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जाएगा। योजना के अंतर्गत पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, अतिरिक्त स्कूल कक्ष, ग्रामीण पुस्तकालय, प्रयोगशाला, किचन शेड, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, मुक्तिधाम तथा पशु चिकित्सालय जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने के लिए ग्रामीण हाट-बाजार, कृषि उपज भंडारण केंद्र, कोल्ड स्टोरेज, डेयरी, मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़ी अधोसंरचना विकसित की जाएगी। वहीं जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन के तहत बाढ़ एवं चक्रवात आश्रय, ड्रेनेज, तटबंध, जंगलों में आग की रोकथाम तथा प्राकृतिक आपदाओं के बाद पुनर्निर्माण कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
ग्राम पंचायत कार्ययोजना तैयार करने में भी छत्तीसगढ़ अव्वल
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि वीबी-जी राम जी योजना के क्रियान्वयन की तैयारियों में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। राज्य ने श्रमिकों की 98 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण कर देश में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि 99 प्रतिशत परिसंपत्तियों की जियो टैगिंग के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से जीआईएस आधारित ग्राम पंचायत कार्ययोजना तैयार करने में भी राज्य देश में अग्रणी रहा है।
जल संरक्षण को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना में जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्रत्येक विकासखंड में जल उपलब्धता के आधार पर जल संरक्षण कार्यों के लिए न्यूनतम व्यय सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही राज्य सरकार के ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान को भी इस योजना के माध्यम से नई गति मिलेगी।
5,591.42 करोड़ रुपये का बजट
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2026-27 के लिए वीबी-जी राम जी योजना हेतु 5,591.42 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। वहीं अप्रैल से जून 2026 की पहली तिमाही में ही 1,264 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आई है।
पारदर्शी और समयबद्ध होगा क्रियान्वयन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जल संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा, सामाजिक अधोसंरचना और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाकर आत्मनिर्भर एवं विकसित गांवों का निर्माण करना है। प्रत्येक कार्य को ग्राम सभा की मंजूरी के बाद ही शुरू किया जाएगा। डिजिटल मॉनिटरिंग, समय पर मजदूरी भुगतान, गुणवत्ता नियंत्रण और सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से योजना का पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, वीबी-जी राम जी के आयुक्त श्री तारन प्रकाश सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।
