मुख्यमंत्री साय ने की जनसंपर्क विभाग के ‘मुस्कुराता बस्तर’ पहल की सराहना

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में कार्टून वॉच के संपादक त्र्यंबक शर्मा ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को बस्तर में आयोजित ‘मुस्कुराता बस्तर’ अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्टून प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यशाला की विस्तृत जानकारी दी और इस अभिनव पहल पर आधारित स्मारिका भी भेंट की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि कला समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी के व्यक्तित्व निर्माण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि कार्टून केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि विचारों को सरल, सहज और प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करने की सशक्त विधा है।

बच्चों के सर्वांगीण विकास में कला की महत्वपूर्ण भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही रचनात्मक अभिव्यक्ति के अवसर मिलें, तो उनमें आत्मविश्वास, संवेदनशीलता, तार्किक सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ कला, साहित्य, खेल और संस्कृति जैसी गतिविधियां भी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समान रूप से आवश्यक हैं।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल सके।

‘मुस्कुराता बस्तर’ अभियान में 100 विद्यार्थियों को मिला प्रशिक्षण

उल्लेखनीय है कि जनसंपर्क विभाग और कार्टून वॉच के संयुक्त तत्वावधान में ‘मुस्कुराता बस्तर’ अभियान के तहत जगदलपुर सहित बस्तर संभाग के विभिन्न शासकीय विद्यालयों के लगभग 100 विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्टून प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।

इस कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित कार्टूनिस्टों ने बच्चों को कार्टून कला की बारीकियां, रेखांकन, व्यंग्य की अभिव्यक्ति, दृश्य संप्रेषण और रचनात्मक सोच के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त करने तथा सामाजिक विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया गया।

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