राज्यसभा में राघव चड्ढा का बड़ा बयान: ‘अब सवाल नहीं, समाधान देना जिम्मेदारी’, NEET पेपर लीक पर पहली बार तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली। एंटी पेपर लीक बिल पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान सांसद राघव चड्ढा ने पहली बार NEET पेपर लीक मामले पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष में रहते हुए सरकार से सवाल पूछना उनकी जिम्मेदारी थी, लेकिन अब सरकार का हिस्सा होने के नाते उनकी प्राथमिकता समस्या का स्थायी समाधान निकालना है।


‘पहले सवाल पूछता था, अब समाधान देना मेरी जिम्मेदारी’

राज्यसभा में बोलते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए उन्होंने सरकार से जवाब मांगे, लेकिन अब उनकी भूमिका बदल चुकी है।

उन्होंने कहा कि वे चाहें तो कैमरे के सामने सिर्फ राजनीतिक बयान दे सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा करने के बजाय ठोस और प्रभावी समाधान पर ध्यान देना उचित समझा।


NEET अभ्यर्थियों की पीड़ा को बताया जायज

राघव चड्ढा ने NEET परीक्षा देने वाले लाखों छात्रों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी नाराजगी और पीड़ा पूरी तरह उचित है।

उन्होंने कहा कि छात्र वर्षों की मेहनत और उम्मीदों के साथ परीक्षा देते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी सीधे उनके भविष्य और भरोसे पर असर डालती है।


पेपर लीक पूरे देश की समस्या, राजनीति से ऊपर उठने की जरूरत

उन्होंने कहा कि पेपर लीक किसी एक राज्य या राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे देश की परीक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।

राघव चड्ढा के मुताबिक, जब प्रश्नपत्र लीक होते हैं तो केवल परीक्षा प्रभावित नहीं होती, बल्कि लाखों मेहनती युवाओं का सिस्टम पर विश्वास भी कमजोर पड़ता है।


कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली पर दिया जोर

उन्होंने परीक्षा प्रणाली में तकनीकी सुधार की आवश्यकता बताते हुए कहा कि भविष्य में NEET जैसी परीक्षाओं को OMR आधारित प्रणाली से आगे बढ़ाकर कंप्यूटर आधारित (Computer-Based Test) प्रणाली की दिशा में ले जाना चाहिए।

उनका मानना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से पेपर लीक और नकल जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।


सख्त कानून से अपराधियों में पैदा होगा डर

एंटी पेपर लीक बिल का समर्थन करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक कराने और संगठित नकल गिरोहों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सख्त सजा और प्रभावी जांच व्यवस्था से ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के बीच कानून का डर पैदा होगा और परीक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।


पंजाब भर्ती परीक्षा का भी दिया उदाहरण

अपने भाषण के दौरान उन्होंने पंजाब की फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां कथित तौर पर ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराने और अभ्यर्थियों से पैसे वसूलने जैसी घटनाएं सामने आई थीं।

उन्होंने कहा कि ऐसे उदाहरण बताते हैं कि परीक्षा प्रणाली में सुधार केवल कानून बनाकर नहीं, बल्कि उसके प्रभावी क्रियान्वयन से संभव होगा।


सभी दलों से की साझा पहल की अपील

राघव चड्ढा ने कहा कि पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर सभी दलों को मिलकर काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी प्राथमिकता मेहनत करने वाले छात्रों के हितों की रक्षा करना और परीक्षा प्रणाली में उनका विश्वास बहाल करना होना चाहिए।

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