CBI के बाद अब ED की एंट्री, पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी की गिरफ्तारी पर आज कोर्ट में सुनवाई

हेडलाइन

NEET विवाद के बीच अमित शाह-धर्मेंद्र प्रधान की 3.5 घंटे बैठक, ‘चलो संसद’ मार्च से गरमाई सियासत

सब-हेडिंग

शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक को लेकर संसद के पहले दिन बढ़ी हलचल, CJP ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा सुधार की उठाई मांग

20 जून से जंतर-मंतर पर जारी है धरना

नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन शिक्षा व्यवस्था और कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक के मुद्दे पर राजधानी दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच संसद भवन परिसर में करीब साढ़े तीन घंटे तक अहम बैठक हुई। यह बैठक गृह मंत्री के कार्यालय में आयोजित की गई। हालांकि, बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई।

इसी दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित नीट पेपर लीक के विरोध में ‘चलो संसद’ मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर कूच करने का प्रयास करते हुए परीक्षा प्रणाली में सुधार, प्रभावित छात्रों को न्याय और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई।

20 जून से जंतर-मंतर पर जारी है धरना

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में संगठन 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहा है। संगठन का आरोप है कि देश की परीक्षा प्रणाली में लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं और कथित NEET-UG 2026 मामले से प्रभावित अभ्यर्थियों को अब तक न्याय नहीं मिला है।

सरकार और CJP प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बातचीत

इस बीच केंद्र सरकार और सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल के बीच भी बातचीत हुई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कर्तव्य भवन में संगठन के प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों का ज्ञापन केंद्रीय मंत्री को सौंपा।

ज्ञापन में रखी गईं ये प्रमुख मांगें

सीजेपी ने अपने ज्ञापन में कई प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं—

  • सोनम वांगचुक की रिहाई।
  • तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
  • कथित NEET-2026 पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा।
  • परीक्षा प्रणाली में व्यापक और पारदर्शी सुधार।

संसद सत्र के पहले दिन शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को लेकर विपक्ष, छात्र संगठनों और सरकार के बीच बढ़ी राजनीतिक गतिविधियों ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया।

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संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच 3.5 घंटे तक अहम बैठक हुई। इसी दौरान CJP ने NEET-UG 2026 विवाद और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर ‘चलो संसद’ मार्च निकाला।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित CGPSC भर्ती घोटाले में CBI की जांच के बाद अब ED इस मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच करेगी। ED ने जेल में बंद CGPSC के पूर्व चेयरमैन एवं रिटायर्ड IAS अधिकारी टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार करने की अनुमति के लिए रायपुर के स्पेशल कोर्ट में आवेदन लगाया है। इस आवेदन पर आज शनिवार को सुनवाई होनी है। यदि कोर्ट ED को अनुमति देता है, तो एजेंसी टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार कर कस्टोडियल रिमांड लेकर पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि पूछताछ में भर्ती प्रक्रिया में पैसों के लेन-देन, अवैध कमाई और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क की जांच की जाएगी। Also Read – CG Breaking : कोरबा की कोल पिच कार्बन फैक्ट्री में आग लगी, मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियां CGPSC recruitment scam: CBI पहले ही कर चुकी है गिरफ्तारी CBI ने 2 साल पहले CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया था। CBI का आरोप है कि CGPSC की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, DSP समेत अन्य पदों पर चयनित कराने के लिए अवैध लेन-देन हुआ। CBI के मुताबिक, टामन सिंह सोनवानी के कार्यकाल में PSC में हुई भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। आरोप है कि, उन्होंने अपने कई करीबी रिश्तेदारों और कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों के 18 रिश्तेदारों की नौकरी लगवाई है। जांच में पैसों के लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं। https://asiannewsbharat.com/chhattisgarh/cg-breaking-fire-breaks-out-at-coal-pitch-carbon-factory-in-korba-63224

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CGPSC Recruitment Scam: ED Seeks Court Permission to Arrest Former PSC Chairman Taman Singh Sonwani

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छत्तीसगढ़ के चर्चित CGPSC भर्ती घोटाले में ED ने पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल कोर्ट से अनुमति मांगी है। कोर्ट की मंजूरी मिलने पर मनी लॉन्ड्रिंग और कथित वित्तीय लेन-देन की जांच तेज होगी।

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित CGPSC भर्ती घोटाले में CBI की जांच के बाद अब ED इस मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच करेगी। ED ने जेल में बंद CGPSC के पूर्व चेयरमैन एवं रिटायर्ड IAS अधिकारी टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार करने की अनुमति के लिए रायपुर के स्पेशल कोर्ट में आवेदन लगाया है। इस आवेदन पर आज शनिवार को सुनवाई होनी है। यदि कोर्ट ED को अनुमति देता है, तो एजेंसी टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार कर कस्टोडियल रिमांड लेकर पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि पूछताछ में भर्ती प्रक्रिया में पैसों के लेन-देन, अवैध कमाई और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क की जांच की जाएगी। Also Read – CG Breaking : कोरबा की कोल पिच कार्बन फैक्ट्री में आग लगी, मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियां CGPSC recruitment scam: CBI पहले ही कर चुकी है गिरफ्तारी CBI ने 2 साल पहले CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया था। CBI का आरोप है कि CGPSC की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, DSP समेत अन्य पदों पर चयनित कराने के लिए अवैध लेन-देन हुआ। CBI के मुताबिक, टामन सिंह सोनवानी के कार्यकाल में PSC में हुई भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। आरोप है कि, उन्होंने अपने कई करीबी रिश्तेदारों और कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों के 18 रिश्तेदारों की नौकरी लगवाई है। जांच में पैसों के लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं। https://asiannewsbharat.com/chhattisgarh/cg-breaking-fire-breaks-out-at-coal-pitch-carbon-factory-in-korba-63224

CGPSC Scam: CBI के बाद अब ED की एंट्री, पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी की गिरफ्तारी पर आज कोर्ट में सुनवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC भर्ती घोटाले में अब जांच का दायरा और बढ़ गया है। CBI की कार्रवाई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच शुरू कर दी है। इसी क्रम में ED ने जेल में बंद CGPSC के पूर्व चेयरमैन एवं रिटायर्ड IAS अधिकारी टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार करने की अनुमति के लिए रायपुर की स्पेशल कोर्ट में आवेदन दाखिल किया है। इस आवेदन पर शनिवार को सुनवाई होनी है।

यदि कोर्ट ED को अनुमति देता है, तो एजेंसी टामन सिंह सोनवानी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर कस्टोडियल रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी का फोकस भर्ती प्रक्रिया में कथित पैसों के लेन-देन, अवैध कमाई और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क की पड़ताल पर रहेगा।

CBI पहले ही कर चुकी है कार्रवाई

इस मामले में CBI करीब दो वर्ष पहले ही टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार कर चुकी है। CBI का आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान CGPSC भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं और प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, DSP सहित कई अहम पदों पर चयनित कराने के लिए कथित तौर पर अवैध लेन-देन किया गया।

18 रिश्तेदारों को नौकरी दिलाने का आरोप

CBI की जांच के अनुसार, टामन सिंह सोनवानी पर अपने करीबी रिश्तेदारों के अलावा कांग्रेस नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के 18 रिश्तेदारों को नियमों के विपरीत सरकारी नौकरी दिलाने का आरोप है। एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़े अहम साक्ष्य भी मिले हैं।

ED की जांच में क्या होगा फोकस?

अब ED इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग, कथित अवैध संपत्ति और भर्ती घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच करेगी। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद एजेंसी पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित अवैध कमाई का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया।

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