‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक का विमोचन: मुख्यमंत्री बोले- नक्सलवाद मुक्त बस्तर बनेगा देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग

रायपुर, 14 जून 2026। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र को नक्सलवाद के अंधकार से निकालकर विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प दोहराते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि चार दशकों तक नक्सलवाद का दंश झेलने वाला बस्तर अब देश का सबसे सुंदर, समृद्ध और विकसित आदिवासी संभाग बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने यह बात राजधानी रायपुर में आयोजित ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक के विमोचन समारोह में कही।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. शशांक शर्मा, पांचजन्य के संपादक हितेश शंकर सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

नक्सलवाद के अंत के बाद विकास की नई शुरुआत

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर विकास की मुख्यधारा से कट गया था, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।

‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ बनेगी संघर्ष की दस्तावेज़ी गाथा

मुख्यमंत्री ने पुस्तक के लेखकों राजीव रंजन प्रसाद और रचना नायडू की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक उस दौर का महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जब समाज और सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद के खिलाफ कठिन संघर्ष किया। यह आने वाली पीढ़ियों को बताएगी कि हिंसा कभी समाधान नहीं होती और लोकतंत्र ही स्थायी रास्ता है।

उन्होंने कहा कि पुस्तक के लिए लेखकों ने आत्मसमर्पित नक्सलियों, ग्रामीणों और प्रभावित परिवारों से संवाद कर गहन शोध किया है, जिससे बस्तर के वास्तविक हालात सामने आए हैं।

बस्तर रोडमैप 2.0 से बदलेगी तस्वीर

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ के तहत व्यापक विकास योजनाओं पर काम कर रही है। नियद नेल्ला नार योजना और बस्तर मुन्ने अभियान के माध्यम से शासकीय योजनाओं का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जहां पहले सुरक्षा कैंप थे, वहां अब ‘सेवा डेरे’ विकसित किए जा रहे हैं, जो सरकारी सेवाओं, कौशल विकास और उद्यमिता के केंद्र बनेंगे।

तीन साल में दोगुनी होगी आय

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में बस्तर की लगभग 85 प्रतिशत आबादी की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में इस आय को दोगुना करना है। इसके लिए कृषि, पशुपालन, सहकारिता और स्वरोजगार आधारित योजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।

421 बंद स्कूल फिर से खुले, बनेगी एजुकेशन सिटी

साय ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बंद पड़े 421 स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है। साथ ही अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में कार्य जारी है। स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत लाखों लोगों की स्वास्थ्य जांच भी की जा चुकी है।

पर्यटन और संस्कृति को मिलेगी नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।

डॉ. रमन सिंह बोले- वर्षों की मेहनत का परिणाम है यह पुस्तक

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह पुस्तक वातानुकूलित कमरों में बैठकर नहीं, बल्कि बस्तर के जंगलों और जमीनी हकीकत के बीच जाकर लिखी गई है। यह वर्षों की मेहनत और शोध का परिणाम है।

विजय शर्मा का बयान- ‘माओवाद पेट से नहीं, दिमाग से आया था’

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि माओवाद किसी आर्थिक मजबूरी से नहीं, बल्कि एक विचारधारा के रूप में आया था, जिसका उद्देश्य बंदूक के बल पर सत्ता स्थापित करना था। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में शांति लौट रही है, मेलों, मड़इयों और साप्ताहिक बाजारों में फिर से रौनक दिखाई दे रही है।

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