धोखाधड़ी मामला: फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज

जोधपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़े एक चर्चित मामले में फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट की जमानत याचिकाएं शनिवार को खारिज कर दीं। न्यायमूर्ति विनोद कुमार भरवानी की पीठ ने मामले की गंभीरता और जारी जांच का हवाला देते हुए आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया।

सुनवाई के दौरान विशेष सरकारी वकील ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि मामला अभी जांच के दौर में है और आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जानी शेष है। अभियोजन पक्ष ने आशंका जताई कि यदि इस स्तर पर आरोपियों को रिहा किया जाता है, तो वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की संभावना बढ़ सकती है।

विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं। उन पर फर्जी नामों से इनवॉइस तैयार करने और फिल्म निर्माण के लिए आवंटित राशि को निजी खातों में ट्रांसफर कर व्यक्तिगत उपयोग करने का आरोप लगाया गया है। इससे पहले भट्ट ने एफआईआर रद्द करने के लिए भी याचिका लगाई थी, जिसे न्यायालय ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह केवल सिविल विवाद नहीं बल्कि प्रथम दृष्टया फंड के दुरुपयोग का आपराधिक मामला है।

यह पूरा विवाद 17 नवंबर 2025 को तब शुरू हुआ जब उदयपुर के भूपालपुरा पुलिस स्टेशन में इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, फिल्म प्रोजेक्ट के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी और विश्वासघात किया गया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट को पिछले साल दिसंबर में हिरासत में लिया था। तब से वे न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं।

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