तखतपुर विधानसभा में 48 हजार मतदाताओं के नाम कटे, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण में बड़ा खुलासा



तखतपुर। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र तखतपुर में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने का मामला सामने आया है। निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में कुल 2 लाख 65 हजार मतदाताओं को प्रपत्र वितरित किए गए थे, जिनमें से 48 हजार प्रपत्र निर्धारित समय-सीमा में जमा नहीं किए गए। इसके चलते इन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से विलोपित कर दिए गए हैं।

निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान सी श्रेणी के करीब 11 हजार ऐसे मतदाता चिन्हित किए गए हैं, जिनके माता-पिता का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैप नहीं हो पाया है। नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में मतदाता की पहचान और पात्रता की पुष्टि आवश्यक होती है। इसी कारण इन मतदाताओं को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण के लिए तलब किया गया है।

5 जनवरी से 31 जनवरी तक होगी सुनवाई
निर्वाचन विभाग के अनुसार 5 जनवरी से 31 जनवरी तक संबंधित मतदाताओं की सुनवाई की जाएगी। इस दौरान मतदाताओं को पहचान संबंधी दस्तावेज, जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता से जुड़े प्रमाण और अन्य आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने होंगे।

14 फरवरी तक होगा निराकरण, 21 फरवरी को अंतिम सूची
अधिकारियों ने बताया कि सभी दावे और आपत्तियों का निराकरण 14 फरवरी तक कर लिया जाएगा। इसके बाद 21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा, जो आगामी चुनावों के लिए मान्य होगी।

22 जनवरी तक नाम जोड़ने का मौका
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं का नाम अनजाने में छूट गया है या जिनका प्रपत्र जमा न होने के कारण नाम कट गया है, वे 22 जनवरी तक मतदाता सूची में नाम पुनः जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए निर्धारित प्रारूप में नजदीकी निर्वाचन कार्यालय, बीएलओ या ऑनलाइन माध्यम से दावा प्रस्तुत किया जा सकता है।

मतदाताओं से अपील
निर्वाचन अधिकारी (तहसीलदार) शशांक शेखर शुक्ला ने तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते अपने नाम की जांच करें और किसी भी त्रुटि की स्थिति में निर्धारित तिथि के भीतर सुधार कराएं। समय पर दावा-आपत्ति दर्ज नहीं कराने पर मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।

प्रशासन का कहना है कि मतदाता सूची को पारदर्शी, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाए रखने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है, ताकि भविष्य में चुनाव निष्पक्ष और सुचारु रूप से संपन्न हो सकें।

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