छत्तीसगढ़ में नई गाइडलाइन दरें लागू, संपत्ति मूल्यांकन प्रणाली में व्यापक संशोधन

रायपुर, 12 दिसंबर 2025। राज्य सरकार ने स्थावर संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण से संबंधित नई गाइडलाइन दरें 20 नवंबर 2025 से प्रभावी कर दी हैं। महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा जारी पत्र के आधार पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने वर्ष 2025-26 की गाइडलाइन दरों को अनुमोदित किया है। यह संशोधन छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दर निर्धारण नियम 2000 के तहत किया गया है।

पिछले कई वर्षों तक गाइडलाइन दरों में वृद्धि न होने के कारण संपत्तियों के वास्तविक मूल्य और गाइडलाइन मूल्यों में भारी अंतर उत्पन्न हो गया था। इस असंतुलन को दूर करने के लिए प्रशासन ने व्यापक संशोधन करते हुए दरों को युक्तिसंगत बनाया है। साथ ही नवगठित नगर पंचायत देवभोग और कोपरा को भी गाइडलाइन में शामिल किया गया है।

नगरीय निकाय क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही विसंगतियों को ठीक करते हुए एक ही मार्ग पर स्थित विभिन्न वार्डों में असमान दरों को संतुलित किया गया है। उदाहरणस्वरूप नगर पालिका गरियाबंद के वार्ड क्रमांक 01 और 02 में मुख्य मार्ग की अलग-अलग दरें 5467 और 5090 रुपए प्रति वर्गमीटर थीं, जिन्हें संशोधित कर 6600 रुपए प्रति वर्गमीटर किया गया है। अंदरूनी क्षेत्रों में भी दरों को रेशनलाइज करते हुए 4800 रुपए प्रति वर्गमीटर निर्धारित किया गया है। इससे बाड़ों की कुल कंडिकाएं 119 से घटाकर परिसीमन आधारित 61 कर दी गई हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर संशोधन किए गए हैं। प्रमुख और अन्य मार्गों पर स्थित समान प्रकृति की भूमि के दरों में पहले काफी अंतर था, जिसे अब समान कर दिया गया है। शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में भी असमानता दूर करते हुए दरों को युक्तियुक्त बनाया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में वृक्ष, कुआं, नलकूप और सिंचित दो फसली भूमि के पृथक मूल्यांकन की पुरानी व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा आवासीय और व्यावसायिक परिवर्तित भूमि के मूल्यांकन में पूर्व में लागू 2.5 गुणा प्रणाली को समाप्त कर सिंचित मूल्य पर ही बाजार भाव निर्धारित किए जाने का प्रावधान किया गया है। 12.5 डिसमिल से कम रकबे के लिए वर्गमीटर दर की प्रणाली भी हटा दी गई है, जिससे छोटे भूखंडों के पंजीयन शुल्क में राहत मिलेगी।

उदाहरण के तौर पर नगर पालिका गरियाबंद और उसके आसपास के ग्रामों में पहले मुख्य मार्ग और अंदरूनी मार्गों की दरों में बड़ा अंतर था, जिसे अब रेशनलाइज कर मुख्य मार्ग का दर 38 लाख रुपए और अंदरूनी मार्ग का दर 29 लाख रुपए किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा वित्त एवं वाणिज्य कर पंजीयन मंत्री ओ. पी. चौधरी के प्रयासों से प्रदेश में स्वतः नामांतरण प्रणाली भी लागू की गई है। इसके तहत गरियाबंद जिले में 1654 विक्रय विलेखों का स्वतः नामांतरण सफलतापूर्वक किया गया, जिससे नागरिकों को नामांतरण के लिए भटकना नहीं पड़ा। इस व्यवस्था से आम जनता संतुष्ट है।

नई गाइडलाइन दरों का उद्देश्य नागरिकों को संपत्तियों का वास्तविक और पारदर्शी मूल्य उपलब्ध कराना तथा मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक सरल, स्पष्ट और सहज बनाना है। सरकार का मानना है कि इन संशोधनों से संपत्ति मूल्यांकन प्रणाली अधिक व्यवस्थित और जनहितकारी बनेगी।

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