इंडिगो – संकट का कारण

दिसंबर 2025 में, IndiGo ने देशभर में अचानक हजारों फ्लाइट्स रद्द कर दीं — 5 दिसंबर को ही 1,000+ रद्द flights हुई थीं। मुख्य कारण है नए क्रू नियम (DGCA के द्वारा लागू किए गए Flight Duty Time Limitations — FDTL) — पायलट्स और क्रू को अधिक आराम देना, रात की उड़ानों और ड्यूटी घंटे कम करना। इंडिगो ने अपनी crew-planning में “mis-judgement और planning gaps” (गलत अनुमान एवं खराब योजना) की बात स्वीकारी है।

🧳 यात्रियों पर असर — व्यापक परेशानियाँ 

टिकट रद्द होने व उड़ानों की अनिश्चितता की वजह से हजारों यात्री stranded हुए। कई एयरपोर्ट्स पर लंबी लाइने, baggage delay-मिसमैच, luggage pile-up और भूख-प्यास से परेशान लोग देखे गए। कई जहजों में on-time performance (OTP) नीचे जा कर 8-9% तक गिर गया था — जो कि बेहद खराब स्तर है। अप्रत्याशित cancellations और delays के कारण लोग alternate ट्रैवल (bus/train, car) खोजने लगे। इस वजह से रोड/रेल/टैक्सी ऑपरेटरों ने किरायों (fare) में तेज़ी से वृद्धि कर दी।

🏛 सरकार और एयरलाइन्स की प्रतिक्रिया, राहत उपाय 

सरकार और DGCA ने तुरंत एक उच्च-स्तरीय जाँच समिति गठित की। IndiGo ने प्रभावित यात्रियों के लिए स्वचालित (automatic) रिफंड की घोषणा की और 5–15 दिसंबर के बीच बुकिंग्स पर कोई cancellation या reschedule fee नहीं लेने की बात कही। साथ ही, सरकार ने किराया (airfare) को distance-based cap के तहत सीमित करने के निर्देश दिए — ताकि मनमाने (over-priced) टिकट न मिलें।

📅 मौजूदा स्थिति और आगे का क्या? 

संकट के बीच IndiGo ने कहा है कि vuelos (flights) धीरे-धीरे सुधार की ओर हैं; लेकिन पूरी सामान्यता वापस आने में समय लगेगा। DGCA और मंत्रालय closely monitor कर रहे हैं, ताकि ऐसा अव्यवस्थित संकट दोबारा न हो।

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