CG News: महिला बंदियों के बच्चों और बालिका गृह की बच्चियों संग डॉ. वर्णिका शर्मा ने मनाई दीपावली, बांटी खुशियां

रायपुर, 6 नवंबर 2026। दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने और उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में खुशियों का उजाला भरने का भी संदेश देता है। इसी भावना के साथ छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने खम्हारडीह स्थित बालिका गृह और महिला जेल में निरुद्ध महिला बंदियों के बच्चों के साथ दीपावली मनाई। इस दौरान उन्होंने बच्चों के बीच समय बिताया, उनसे बातचीत की और उन्हें स्नेह एवं अपनत्व का एहसास कराया।

बच्चों के सपनों और भविष्य को लेकर किया संवाद

कार्यक्रम के दौरान डॉ. वर्णिका शर्मा ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, रुचियों, सपनों और भविष्य की योजनाओं के बारे में बातचीत की। उन्होंने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि जीवन की परिस्थितियां किसी के सपनों की सीमा तय नहीं कर सकतीं। हर बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और खुशहाल बचपन पाने का अधिकार है।

उन्होंने कहा कि किसी बच्चे का भविष्य उसकी पारिवारिक परिस्थितियों से नहीं, बल्कि उसकी प्रतिभा, मेहनत, आत्मविश्वास और उसे मिलने वाले अवसरों से तय होना चाहिए। उन्होंने बच्चों को अपने सपनों पर भरोसा रखने और पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

महिला बंदियों से बच्चों की शिक्षा और परवरिश पर चर्चा

इस अवसर पर महिला जेल में निरुद्ध महिला बंदियों से भी आत्मीय संवाद किया गया। उनके बच्चों की शिक्षा, परवरिश और बेहतर भविष्य से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। डॉ. शर्मा ने उन्हें बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उनकी शिक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने संदेश दिया कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों का बचपन, उनकी भावनाएं और उनके अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए। बच्चों को माता-पिता की परिस्थितियों का बोझ उठाने के बजाय अपने सपनों को पूरा करने के अवसर मिलने चाहिए।

बच्ची खुशी ने प्रतिभा से जीता सबका दिल

कार्यक्रम में खुशी नाम की बच्ची ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उसके आत्मविश्वास और हुनर को देखकर डॉ. वर्णिका शर्मा ने उसकी सराहना की और उसे अपनी प्रतिभा को और निखारने तथा जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि हर बच्चे के भीतर अपार संभावनाएं छिपी होती हैं। जरूरत केवल सही मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और अवसर उपलब्ध कराने की है।

बच्चियों के हाथों से बने दीयों ने बढ़ाई दीपावली की रौनक

दीपावली समारोह का सबसे भावुक और यादगार पल तब आया, जब बालिका गृह की बच्चियों ने अपने हाथों से तैयार किए सुंदर दीये और विभिन्न हस्तनिर्मित सामग्रियां डॉ. वर्णिका शर्मा को भेंट कीं।

डॉ. शर्मा ने बच्चियों की इन कलाकृतियों को सहर्ष स्वीकार किया और उनकी रचनात्मकता, मेहनत एवं हुनर की सराहना की। उन्होंने बच्चियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि हर बच्चे के भीतर एक अनूठी प्रतिभा और अनगिनत सपने होते हैं। उन्हें समझने, उनका हाथ थामने और आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर देने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि बच्चों को स्नेह, सुरक्षा, सम्मान और प्रोत्साहन देना ही उनके बेहतर भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।

अपनत्व और संवेदना के साथ मनाया दीपोत्सव

डॉ. वर्णिका शर्मा की इस पहल ने दीपावली के पर्व को संवेदना, समानता और बाल अधिकारों के संदेश से जोड़ दिया। बालिका गृह की बच्चियों और महिला बंदियों के बच्चों के साथ बिताए गए इन आत्मीय पलों ने यह याद दिलाया कि हर बच्चे को खुशहाल बचपन, सम्मान और बेहतर भविष्य का समान अधिकार है।

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