Chhattisgarh News: खनन और कोयला क्षेत्र की समीक्षा बैठक में CM साय का बड़ा संदेश, खनिज संपदा का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाने पर जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश की खनिज संपदा देश के औद्योगिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। राज्य सरकार केंद्र के साथ समन्वय बनाकर खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक, पारदर्शी और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य खनिज संपदा का लाभ केवल उद्योगों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि इसका सीधा फायदा स्थानीय लोगों, विशेषकर खनन प्रभावित क्षेत्रों और जनजातीय समुदायों तक पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री साय आज रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की उपस्थिति में आयोजित खनन एवं कोयला क्षेत्र की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में खनिज अन्वेषण, खनिज ब्लॉकों की नीलामी, कोयला उत्पादन, क्रिटिकल एवं रणनीतिक खनिजों, जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की राशि के उपयोग और खनन गतिविधियों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की समीक्षा की गई।

खनिज संपदा से स्थानीय लोगों को मिले रोजगार और आर्थिक लाभ : CM साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में छत्तीसगढ़ की अहम भूमिका है। देश की बढ़ती औद्योगिक और आर्थिक जरूरतों को देखते हुए खनिज संसाधनों का बेहतर अन्वेषण और उपयोग जरूरी है।

उन्होंने कहा कि खनन गतिविधियों के विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय जरूरतों, रोजगार सृजन और प्रभावित समुदायों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। विकास का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब खनिज संपदा से होने वाले आर्थिक लाभ का हिस्सा खनन प्रभावित लोगों तक पहुंचे।

खनन निगरानी में डिजिटल तकनीक और ड्रोन का इस्तेमाल

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार खनिज प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रही है।

इसके तहत खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल, डिजिटल निगरानी व्यवस्था और ड्रोन तकनीक के माध्यम से खनन गतिविधियों की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि तकनीक के माध्यम से खनन व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए और खनिज संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो।

बस्तर के आदिवासी समुदायों को टिन अयस्क का मिलेगा बेहतर मूल्य

मुख्यमंत्री साय ने बस्तर के जनजातीय समुदायों के हित में शुरू की गई TIN पोर्टल पहल का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य टिन अयस्क की खरीदी में पारदर्शिता लाना और स्थानीय समुदायों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना है।

इससे भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के साथ जनजातीय परिवारों की आर्थिक आत्मनिर्भरता और आजीविका के अवसरों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने छत्तीसगढ़ के प्रयासों को सराहा

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे नवाचारों, राजस्व वृद्धि और तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों की सराहना की।

उन्होंने विशेष रूप से खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल, ड्रोन आधारित मॉनिटरिंग, खनन गतिविधियों की स्टार रेटिंग और डिजिटल निगरानी व्यवस्था को महत्वपूर्ण पहल बताया।

केंद्रीय मंत्री ने बस्तर के जनजातीय समुदायों से टिन अयस्क की पारदर्शी खरीदी और बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने के लिए विकसित TIN पोर्टल की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाने और तकनीक के जरिए व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के प्रयास महत्वपूर्ण हैं।

खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास में DMF राशि का अधिकतम उपयोग करें

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की राशि का अधिकतम उपयोग प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की जरूरतों और विकास कार्यों के लिए किया जाना चाहिए।

बैठक में खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, निवेश, रोजगार सृजन, तकनीकी सुधार और खनन प्रभावित समुदायों के कल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। राज्य सरकार ने खनिज संपदा के माध्यम से औद्योगिक विकास के साथ स्थानीय लोगों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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